
पोकरण. फोर्ट रोड पर यूं लगती है भीड़।
पोकरण. जैसलमेर की स्वर्णिम धरा की ओर बढ़ते पर्यटकों के सफर में पोकरण भी ठहराव और आस्था का केंद्र बन रहा है। नवरात्र के साथ धार्मिक पर्यटन का दौर शुरू हो गया है। आगामी दिनों में मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने और दीपावली के बाद गुजराती पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है। अगले दो माह पोकरण के होटल, ढाबों, खानपान और स्थानीय बाजार के लिए अहम रहेंगे। पर्यटन की यह हलचल स्थानीय कारोबार को गति देने का अवसर लेकर आई है।
जैसलमेर से करीब 120 किलोमीटर दूर स्थित पोकरण को जिले का प्रवेश द्वार माना जाता है। ऐतिहासिक विरासत, सामरिक पहचान और धार्मिक महत्व के कारण यहां पर्यटकों के पहुंचने की संभावनाएं बनी रहती हैं। जैसलमेर भ्रमण पर जाने वाले कई पर्यटक पोकरण में रुकते हैं, वहीं रामदेवरा आने वाले श्रद्धालु बाबा रामदेव के इतिहास से जुड़े स्थलों के दर्शन के लिए भी यहां पहुंचते हैं। हालांकि दर्शनीय स्थलों की जानकारी और प्रचार-प्रसार सीमित होने से पोकरण में पर्यटकों का ठहराव बढ़ाना अब भी चुनौती है।
नवरात्र के दौरान देवी मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की आवक बढ़ने की उम्मीद है। रामदेवरा जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी पोकरण धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखता है। मंदिरों के साथ बाबा रामदेव के इतिहास से जुड़े स्थल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। धार्मिक यात्राओं के इस सिलसिले से स्थानीय बाजारों में भी आवाजाही बढ़ती है। यदि पर्यटकों को दर्शनीय स्थलों की व्यवस्थित जानकारी मिले तो उनका पोकरण में रुकना और स्थानीय पर्यटन गतिविधियों से जुड़ना आसान हो सकता है। पर्यटन सीजन में राष्ट्रीय राजमार्ग, फोर्ट रोड और मुख्य बाजार के आसपास स्थित होटल, रिसॉर्ट और ढाबे स्थानीय कारोबार की अहम कड़ी हैं। जैसलमेर में होटल उपलब्धता सीमित होने पर कुछ पर्यटक पोकरण में ठहरने का विकल्प तलाशते हैं। इससे होटल संचालकों, टैक्सी चालकों, खानपान कारोबारियों और छोटे दुकानदारों को लाभ मिलने की संभावना है। दीपावली के बाद गुजराती पर्यटकों की आवक बढ़ने से बाजार में अतिरिक्त रौनक की उम्मीद भी है।
स्थानीय व्यापारियों को आगामी दो माह में अच्छे कारोबार की उम्मीद है। उपलब्ध अनुमान के अनुसार, इस अवधि में 50 लाख रुपए से अधिक का व्यापार हो सकता है। हालांकि इस अनुमान की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। पोकरण में पर्यटन का लाभ बढ़ाने के लिए केवल सीजन की भीड़ पर्याप्त नहीं होगी। दर्शनीय स्थलों का प्रचार, पर्यटकों के लिए स्पष्ट सूचना व्यवस्था और ठहरने की बेहतर सुविधाएं विकसित करने से यहां आने वाले लोगों का रुकना बढ़ सकता है। इससे धार्मिक पर्यटन की आवक को स्थानीय रोजगार और कारोबार से जोड़ने का अवसर मिलेगा।
- जैसलमेर से दूरी : करीब 120 किलोमीटर
- रामदेवरा से दूरी : करीब 12 किलोमीटर
- दर्शनीय स्थल : एक दर्जन से अधिक
- प्रमुख पर्यटन अवधि : आगामी दो माह
- स्थानीय कारोबार का अनुमान : 50 लाख रुपए से अधिक
अगले दो माह तक पर्यटकों की आवक होगी। हाइ-वे पर स्थित होटलों व ढाबों पर भीड़ उमड़ रही है। जिससे अच्छी आमदनी की उम्मीद है। साथ ही पोकरण की अर्थव्यवस्था में भी सुधार होगा।
- आसकरण गोयल, होटल व्यवसायी
नवरात्रा में पर्यटन सीजन शुरू हो जाएगा। धार्मिक पर्यटन धीरे-धीरे बढऩे लगा है। जिससे अच्छे व्यापार की उम्मीद बढ़ गई है। साथ ही पोकरण को भी नई पहचान मिल रही है। जैसलमेर के बाद अब पोकरण भी पर्यटकों की पसंद बनता जा रहा है।
- कैलाश पुरोहित, व्यापारी
Updated on:
11 Oct 2026 08:28 pm
Published on:
11 Oct 2026 08:28 pm
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