सीमांत जैसलमेर जिले में पिछले दिनों के दौरान पश्चिमी विक्षोभ के असर से आए तूफान और तेज गति की बारिश ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह से झकझोर कर रख दिया।
सीमांत जैसलमेर जिले में पिछले दिनों के दौरान पश्चिमी विक्षोभ के असर से आए तूफान और तेज गति की बारिश ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह से झकझोर कर रख दिया। जैसलमेर शहर में भी गत शनिवार और रविवार को दिन-रात अधिकांश क्षेत्रों में लम्बी कटौतियों और बिजली की आवाजाही ने लोगों का चैन छीन लिया। हालात इतने बिगड़ गए कि शहरी क्षेत्र के लोग रविवार की देर रात कलक्टर के निवास पर पहुंच गए। शहर के चाचा पाड़ा क्षेत्र में एक जगह पर तार टूटने से आसपास के कई घरों की बिजली गुल हो गई। उस क्षेत्र में अन्य घरों में आपूॢत चालू होने के बावजूद तार टूटने से प्रभावित घरों की बिजली जब 8-10 घंटों बाद भी सुचारू नहीं हुई और डिस्कॉम का कोई कार्मिक उसकी सुध लेने नहीं पहुंचा तो प्रभावित परिवारों के लोग जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, रविवार को रात के समय कलक्टर निवास के बाहर पहुंच गए। उन्होंने कलक्टर से मिलने की गुहार लगाई, लेकिन उन्हें बताया गया कि साहब, घर पर नहीं हैं। इससे वे और नाराज हो गए और वहीं नारेबाजी करने लगे। सूचना मिलने पर शहर कोतवाल सवाईसिंह मय जाब्ता मौके पर पहुंचे और कलक्टर निवास के बाहर धरना दे रहे लोगों से समझाइश की। स्थानीय पार्षद दुर्गेश आचार्य भी लोगों के साथ थे। जिन्होंने बताया कि डिस्कॉम के अधिकारियों ने समय रहते विद्युत आपूर्ति तंत्र की देखभाल नहीं की, जिसके कारण समस्याएं पेश आ रही हैं। शहर के एयरफोर्स फीडर से जुड़े इलाकों के अलावा दुर्ग, अन्य कई मोहल्लों व आवासीय कॉलोनियों में अलग-अलग जगहों पर विद्युत आपूर्ति रविवार रात तक विभिन्न कारणों से बाधित होती रही। सोमवार को दो दिनों बाद कहीं जाकर व्यवस्था काफी हद तक सुचारू हो पाई है।
डिस्कॉम को पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में आए बदलाव ने करीब 70 लाख रुपए का नुकसान पहुंचाया है। जानकारी के अनुसार तूफान के चलते जिले में 2 पावर ट्रांसफार्मर, 30 ट्रांसफार्मर, 400 विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसी तरह से तूफान की वजह से 132 केवी पोकरण-अजासर लाइन के 132 केवी सस्पेंशन टावर लॉक नंबर 155 ढह गया। नाचना क्षेत्र में 4 दर्जन से अधिक गांवों में विद्युत आपूर्ति ठप हुई। तूफान के कारण पोकरण-फलसूंड-बाड़मेर-बालोरा लिफ्ट जलापूर्ति परियोजना में बाधा उत्पन्न हुई है। गौरतलब है कि जैसलमेर जिले के पोकरण क्षेत्र के अलावा बाड़मेर जिले ेके बालोतरा व सिवाना और 400 से अधिक गांवों-ढाणियों में इस परियोजना के माध्यम से जलापूर्ति की जाती है। विद्युत तंत्र ठप होने से इन सभी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई।