सोमवार को विज्ञान वर्ग का परिणाम घोषित होने पर भागुकुमारी ने 12वी विज्ञान वर्ग में 90.20 प्रतिशत अंक हासिल करके दादा दादी का नाम रोशन किया। दादा दादी ने मेहनत करके मासूम के लालन पालन से पढ़ाई शुरू करवाई।
जन्म से पहले ही पिता का साया सिर से उठ गया। दो साल बाद मां भी नाते चले जाने के बाद दादा दादी पर मासूम के पालन-पोषण की जिमेदारी आ गई। कदम-कदम पर निराशा व हताशा के माहौल के बीच 12वीं विज्ञान वर्ग में 90.20 प्रतिशत अंक हासिल करके सबको चौंका दिया। ये संघर्षभरी कहानी मेंगलवा गांव के भागुकुमारी की है । सोमवार को विज्ञान वर्ग का परिणाम घोषित होने पर भागुकुमारी ने 12वी विज्ञान वर्ग में 90.20 प्रतिशत अंक हासिल करके दादा दादी का नाम रोशन किया। दादा दादी ने मेहनत करके मासूम के लालन पालन से पढ़ाई शुरू करवाई। भागू कुमारी पढ़ने में होशियार होने के कारण दादा वजाराम ने भागु कुमारी को पढ़ाने की ठान ली है। दादा वजाराम कहते है की उम्र होने साथ शरीर साथ नही दे रहा है मगर पोती की लगन देखकर घर बैठना भी अच्छा नहीं लगता है। दादा वजाराम ने बताया कि भैंसवाड़ा में स्थित डॉ भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय से 12 वी विज्ञान वर्ग से 90.20 प्रतिशत अंक हासिल करके 12 वीं उत्तीर्ण की।
अलवर के नौगांवा गांव नंगलीवाल की ट्रक ड्राइवर की बेटी ज्योति ने सोमवार को आए विज्ञान वर्ग के परीक्षा परिणाम में 97.20 प्रतिशत अंक प्राप्त कर माता- पिता, गांव व स्कूल का नाम रोशन किया है। जो नौगांवा तहसील के आस-पास के क्षेत्र में सर्वाधिक अंक है। ज्योति नौगांवा के जैन उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्रा है और जरुरतमंद परिवार की बेटी है। इसके कारण विद्यालय की ओर से उसे नि:शुल्क शिक्षा दी जा रही है। ज्योति स्कूल तक कई किलोमीटर का सफर पैदल ही तय करती थी। परिवार में उसके अलावा 3 भाई, बहिन है। ज्योति ने अपनी सफलता का श्रेय विद्यालय के अध्यापक और पिता मोहनलाल व माता को दिया।