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Rajasthan Rail Project: 25 साल में 7 सर्वे, फिर भी इन रूटों पर नहीं बिछी रेल लाइन, जानें क्यों अटके करोड़ों के प्रोजेक्ट?

Rajasthan New Rail Line: जालोर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र सांचौर को रेल सेवा से जोड़ने की रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की ओर से की गई घोषणा एक बार चर्चा में है।

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जालोर

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Anil Prajapat

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खुशालसिंह भाटी

Mar 30, 2026

Rajasthan Rail Project

रेल लाइन। पत्रिका फाइल फोटो

जालोर। जालोर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र सांचौर और रेल सेवा से वंचित गांव कस्बों को रेल सेवा से जोड़ने की कड़ी में 18 मार्च को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की ओर से की गई घोषणा एक बार फिर से चर्चा में है। लोकसभा में रेल मंत्री ने जैसलमेर-बाड़मेर-भीलड़ी तक नई रेल लाइन के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे की घोषणा की। जिसके बाद सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो चुकी है।

इस प्रोजेक्ट को लेकर खास चर्चा इसलिए भी है, क्योंकि जैसलमेर-भाभर वाया सांचौर के लिए वर्ष 2012 और 2016 में भी सर्वे हुआ था और बकायदा प्रोजेक्ट कोस्ट भी आंकी गई थी। प्रोजेक्ट रेलवे हैड क्वार्टर के मार्फत रेलवे बोर्ड को भेजा गया, लेकिन उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में ही था। इस प्रोजेक्ट के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे की घोषणा के बाद 14 साल से अटका प्रोजेक्ट चर्चा में आ चुका है। इसी तरह की स्थिति जालोर जिले के लिए घोषित अन्य महत्वपूर्ण रेल लाइन सर्वे प्रोजेक्ट की भी रही है। जिनकी क्रियान्विति नहीं हो पाई है।

ढाई दशक में रेल लाइन सर्वे की बौछार

1. जालोर-फालना रेल लाइन: जालोर-फालना वाया जालोर रेलवे लाइन के लिए तीन सर्वे हो चुके है। मामला सबसे पहले वर्ष 2001 में चर्चा में आया। सर्वे भी हुआ और मामला अटका। उसके बाद फिर से वर्ष 2013 के रेल बजट के बाद चर्चा में आया। 72 किमी रेल रूट के लिए सर्वे हुआ ओर प्रोजेक्ट 459.26 करोड़ आंका गया। इस सर्वे के अनुसार प्रोजेक्ट में कानीवाड़ा, आहोर, गंगावा, बेदाना, तखतगढ़, दुजाना व सांडेराव रेलवे स्टेशन बनने थे। इस प्रोजेक्ट में 7 स्टेशन, 1 रेलवे ओवरब्रिज और 30 अंडरब्रिज बनने थे।

2. बॉर्डर एरिया रेल लाइन सर्वे: सांचौर क्षेत्र को रेल सेवा से जोड़ने को पहले स्तर पर वर्ष 2012 में घोषणा हुई। जिसके बाद फरवरी 2014 को सर्वे हुआ। प्रोजेक्ट कोस्ट 485 करोड़ आंकी गई। बॉर्डर एरिया रेल लाइन सर्वे के तहत यह रेल लाइन सांचौर के पास से होते हुए गुजरात के संथालपुर, सुईगांव, वाव होते हुए गुजरात तक 83 किमी लाइन बिछनी थी। इसमें 3 आरओबी, 17 आरयूबी, 2 बड़े पुल, 27 पुल प्रस्तावित थे। यह रिपोर्ट 12 फरवरी 2014 को सबमिट हुई थी।

3. जैसलमेर-भाभर रेल लाइन सर्वे: फरवरी वर्ष 2016 में रेल बजट में जैसलमेर-भाभर रेल लाइन प्रोजेक्ट घोषित किया गया। प्रोजेक्ट के अनुसार दूठवा, सरवाना, पादरड़ी, रतनपुरा स्टेशन, थराद रोड स्टेशन बनने थे। इसी प्रोजेक्ट को 339 किमी आंका गया। इस प्रोजेक्ट में उंडखा (बाड़मेर), सनावड़ा (बीकानेर), दूठवा (जालोर), धोरीमन्ना (बाड़मेर), पादरड़ी (जालोर) में स्टेशन बनने थे। इस बॉर्डर एरिया रेल लाइन की प्रोजेक्ट कोस्ट 5 हजार करोड़ आंकी गई थी।

4. सिरोही-बागरा-पिंडवाड़ा सर्वे: जुलाई 2016 में सिरोही-बागरा-पिंडवाड़ा 96 किमी के लिए सर्वे किया गया। प्रोजेक्ट कोस्ट 1526 करोड़ रुपए आंकी गई। प्रोजेक्ट में पिंडवाड़ा, आरसना, सिरोही, गउड़ा, नवाड़ा, कालंद्री, बरलूट, देलदर, रायपुरिया, आकोली, सियाणा, मारवाड़ा बागरा स्टेशन प्रस्तावित थे। इससे पूर्व 1958 में भी जालोर-सिरोही के लिए सर्वे हुआ था। उस सर्वे मे बागरा, सियाणा, भूतगांव, जवाल, रामपुरा स्टेशन प्रस्तावित थे। अब जून 2025 में मारवाड़ बागरा-सिरोही के लिए नई रेल लाइन के लिए सर्वे की घोषणा हुई।

टॉपिक एक्सपर्ट: ये है फाइनल लोकेशन सर्वे

रेलवे कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट के सेवानिवृत्त अधिकारी गजराज भंडारी के अनुसार प्रारंभिक सर्वे में केवल रूट तय किया जाता है। वहीं फाइनल लोकेशन सर्वे मे स्टेशन तय करने के साथ ही प्रोजेक्ट पर लगने वाली राशि, ट्रांसपोर्टेशन की संभावना और इससे होने वाली आय को आंका जाता है। यह ट्रैफिक और इंजीनियरिंग का कॉमन सर्वे होता है। जिसमें प्रोजेक्ट की रेट ऑफ कोस्ट और रेट ऑफ अर्निंग को तय किया जाता है। प्रोजेक्ट लाभदायक होने पर ही उस पर वित्तीय स्वीकृति जारी होती है।

नया सर्वे करवाने से फायदा नहीं

बॉर्डर एरिया रेल लाइन के लिए सर्वे वर्ष 2012 और 2016 में दो बार सर्वे हो चुके और रिपोर्ट भी रेलवे बोर्ड को गई थी। केवल वाहवाही के लिए नया सर्वे करवाने से फायदा नहीं है। धरातल पर प्रोजेक्ट क्रियान्वित होना चाहिए।
-सुखराम विश्नोई, पूर्व विधायक सांचौर

धरातल पर उतरेगा जैसलमेर-भाभर रेल लाइन प्रोजेक्ट

जालोर-सिरोही संसदीय क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी के लिए घोषणा हुई है, उसकी धरातल पर क्रियान्विति के प्रयास है। इसी तरह बॉर्डर एरिया पर जैसलमेर-भाभर रेल लाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे की घोषणा तो रेल मंत्रीजी ने स्वयं की है तो निश्चित तौर पर इस बार प्रोजेक्ट धरातल पर साकार होंगे।
-लुंबाराम चौधरी, सांसद, जालोर-सिरोही