एक दिन पूर्व टूटी भीनमाल-दासपा रोड पर नरता-भागलसेफ्टा गांव के बीच बांडी नदी की रपट शुरू
जालोर. जिले में बारिश का दौर फिर से शुरू हो चुका है। सांचौर इलाके में लगातार पांच घंटे हुई बारिश ने एक बार फिर से जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। जिले के कई इलाके पानी में घिरे हैं। कई गांवों में तो रास्ते तक नहीं है। जिला एक माह से बाढ़ से जूझ रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री के दौरे और प्रभावी निर्देशों के बावजूद सार्वजनिक निर्माण विभाग अभी तक सभी रास्ते सुचारू नहीं कर पाया। इधर, रोहट—जालोर—जसवंतपुरा की बदहाल रोड पर लगातार टोल वसूली जारी है। बारिश के चलते जिले से गुजर रही जवाई नदी में पानी की प्रभावी आवक रही। सूकड़ी, कोड़ी और आकोली नदी में भी जलप्रवाह जारी है। यदि बारिश और तेज होती है तो जिले के हालात और भी विकट हो सकते हैं। जवाई बांध से लगातार पानी जवाई नदी में छोड़ा जा रहा है।
भीनमाल. दासपा रोड पर नरता-भागलसेफ्टा गांव के बीच बांडी नदी की रपट शुक्रवार सुबह टूट गई थी। रपट के बीच गहरा गड्ढ़ा हो गया। रपट टूटने से भीनमाल-पादरा मार्ग छह घंटे तक अवरुद्ध रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई थी। यह रपट अब वापस आवागमन के लायक बना ली गई है।
आवश्यक कार्य के लिए शहर आने वाले लोग नदी के तट पर ही अटक गए। ग्रामीणों ने रपट टूटने की सूचना एसडीएम दौलतराम चौधरी व सार्र्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दी। सूचना पर सार्र्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर रपट के बीच जेसीबी से पाइप डालकर मार्ग को दुरस्त किया। दरअसल, नरता-भागलसेफ्टा गांव के बीच बांडी नदी पर रपट बनी हुई है। बाढ़ के बाद एक माह से अधिक समय तक रपट पर पानी का बहाव हो रहा है। वाहनों की आवजाही से रपट दिनों-दिन टूट रही है। कई बार बड़े व भारी वाहन रपट पर ही धंस जाते थे। मार्ग दुुरुस्त होने के बाद आवागमन वापस सुचारू हो गया। इस मौके कैलाशपुरी गोस्वामी, शैतानसिंह चौहान व भूराराम पुरोहित सहित कई जने मौजूद थे। इस मार्ग से भीनमाल, आशापुरी माता, बोरटा, खेड़ा, भीमपुरा, धानसा, दासपां, कोरा व पाथेड़ी सहित दर्जनों गांवों के लिए रोजाना सैकड़ों की संख्या में वाहन गुजरते है।