9 दिन से नहीं टपके नल, मटके लेकर कलक्टर आवास पर पहुंची महिलाएंशहर के वार्ड संख्या 11 की महिलाओं ने किया प्रदर्शन
जालोर. शहर के वार्ड संख्या 11 की महिलाएं बीते करीब 9 दिन से घरों में पानी नहीं आने के कारण कलक्टर के आवास पर शनिवार सुबह 11 बजे मटके लेकर पहुंच गई। महिलाओं ने कलक्टर को जलापूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग करते हुए ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में वार्डों में बारिश के बाद फैले कीचड़ और गंदगी भी हटाने की मांग की गई। इसके बाद कलक्टर ने उन्हें आश्वस्त करते हुए जल्द ही शहर की जलापूर्ति व्यवस्था सुचारु करवाने की बात कही। इस मौके शकीना कुरैशी, शयरा अब्बासी, इदीया बानू, लक्ष्मी व मेरुनिस्सा समेत कई महिलाएं मौजूद थीं। गौरतलब है कि गत दिनों अतिवृष्टि के कारण टूटी नर्मदा मुख्य कैनाल के चलते जालोर शहर में नर्मदा के पानी की आवक बंद हो गई। ऐसे में नर्मदा का पानी नहीं आने के कारण जालोर शहर की पेयजल सप्लाई भी पिछले कुछ दिन से बाधित हो रही है। देखा जाए तो शहर में रोजाना करीब 60 लीटर पानी की आवश्यकता है और विभाग का दावा है इसके लिए पूरा पानी भी मिल रहा है। हालांकि जलदाय विभाग की ओर से फिलहाल स्थानीय स्रोतों से पेयजल आपूर्ति करवाई जा रही है, लेकिन अतिवृष्टि के कारण कई स्रोत क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण पानी की उपलब्धता कम होने से वार्डों में जलापूर्ति का शेड्यूल भी बिगड़ गया है। इसके लिए विभाग की ओर से सोहनपुरा क्षेत्र में 5 नए ट्यूबवेल खुदवाए जा रहे हैं। जिनमें से दो का काम पूरा हो चुका है, जबकि एक काम चल रहा है।
कई मौहल्लों में बिगड़ी व्यवस्था
अतिवृष्टि के बाद जवाई नदी चलने और नर्मदा मुख्य कैनाल क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण शहर के विभिन्न वार्डों में पेयजल सप्लाई बीते दस दिन से बाधित हो रही है। कई वार्डों में 7 से 10 दिन में एक बार पानी की सप्लाई हो रही है। जिससे शहरवासियों को मजबूरन अधिक दाम देकर टैंकरों से जलापूर्ति करवानी पड़ रही है। इधर, इस बारे में विभागीय अधिकारियों का कहना है कि चार से पांच दिन में शहर में जलापूर्ति व्यवस्था सुचारु करवा दी जाएगी।