
जांजगीर-चांपा. केरा रोड जांजगीर की जहर उगल रही राइस मिलों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पर्यावरण अधिकारी ने कार्रवाई के आदेश दिए हैं। पर्यावरण विभाग के अधिकारी की टीम जांच में आएगी और निर्धारित मानकों का पालन नहीं होने की स्थिति में उक्त राइस मिलों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। पर्यावरण विभाग के आश्वासन के बाद केरा रोड के रहवासियों ने राहत की सांस ली है।
गौरतलब है कि इन दिनों धान की खरीदी के बाद राइसमिलों में तेजी से धान की मिलिंग की जा रही है। खासकर अरवा और उसना मिलों में चौबीसों घंटे मिलिंग का काम चल रहा है। केरा रोड में हसदेव राइस मिल, बजरंग राइस मिल सहित दो अन्य मिलें हैं। जहां इन दिनों चौबीसों घंटे धान की मिलिंग की जा रही है। मिल से निकलने वाला काला धुआं और उसकी दुर्गंध ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है।
दरअसल जांजगीर का एक बड़ा मोहल्ला केरा रोड में बसा है। खासकर इस ओर दीनदयाल कालोनी व इंद्रप्रस्थ कालोनी में हजारों लोग निवास करते हैं। इसके अलावा इस रूट में कई बड़े स्कूल कालेज भी संचालित हंै। जहां हजारों की तादात में छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं। जिन्हें राइस मिलों से निकल रहे काले जहर का सामना करना करते हुए अध्ययन करना पड़ता है। साफ सुथरी कालोनी के लोग इस वजह से परेशान हैं क्योंकि राइस मिल से निकलने वाला काला धुआं लोगों के घर में समा जाता है। सुबह उठकर लोग धुएं के शिकार होते हैं और शाम तक इसी धुएं के आगोश में समाए रहते हैं। धुआं लोगों के घरों में समा जाता है। इसके चलते उन्हें तरह- तरह की बीमारी हो रही है। इन सभी तरह की समस्याओं को लेकर पत्रिका ने लगातार खबर प्रकाशित किया था। इसकी शिकायत लोगों ने पर्यावरण अधिकार से की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पर्यावरण अधिकारी ने अनिता सावंत ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
नहरिया बाबा मंदिर रोड में भी यही शिकायत
जांजगीर शहर के नहरिया बाबा मंदिर रोड में निवासरत लोगों ने भी राइस मिल से उड़ रहे काले धुएं की शिकायत पर्यावरण अधिकारी से की है। जिसकी जांच कुछ दिनों पहले हुई थी। शिकायत की अधिकारियों ने जांच तो की लेकिन उक्त राइस मिल के खिलाफ क्या कार्रवाई की यह अधर में है। जिसे लेकर लोगों में रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यदि उक्त राइस मिल के खिलाफ किसी तरह कार्रवाई नहीं हुई तो फिर से चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
-जांजगीर के केरा रोड सहित कई राइस मिलों में काले धुएं की शिकायत मिली थी। मामले की जांच के लिए कर्मचारियों की टीम बनाई जाएगी और ऐसे राइस मिल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी- -अनिता सावंत, पर्यावरण अधिकारी