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पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के नाम से फर्जी पत्र वायरल, सक्ती प्रशासन ने कहा- नहीं जारी हुआ कोई आदेश, मचा हड़कंप

Sakti Fake Order Viral: सक्ती में पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के नाम से फर्जी पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। कलेक्टर कार्यालय ने पत्र को फर्जी बताते हुए खंडन जारी किया और जांच के बाद कार्रवाई की चेतावनी दी।
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Chhattisgarh News

फर्जी पत्र वायरल (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Fake Government Letter Viral: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से सामने आए एक मामले ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। यहां कलेक्टर पिछड़ा वर्ग विकास, जिला-सक्ती के नाम से जारी एक कथित शासकीय पत्र WhatsApp, Facebook समेत विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल पत्र में “पिछड़ा वर्ग जाति विकास प्राधिकरण योजनांतर्गत कार्यों की सूची” का उल्लेख किया गया है।

देखें, वायरल पत्र में क्या लिखा?

वायरल पत्र में पत्र क्रमांक /प्रा.धि./आ.वि./2025-26/3277 और दिनांक 11 अप्रैल 2026 अंकित है। पत्र वायरल होने के बाद इसकी सत्यता को लेकर लोगों और जनप्रतिनिधियों के बीच भ्रम की स्थिति बनने लगी। मामले की जांच के बाद जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि वायरल किया जा रहा यह पत्र फर्जी और भ्रामक है। प्रशासन ने साफ किया कि ऐसा कोई आदेश कलेक्टर कार्यालय, जिला सक्ती द्वारा जारी नहीं किया गया है।

जांच में सामने आईं कई खामियां

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वासु जैन से प्राप्त जानकारी के आधार पर कार्यालय स्तर पर की गई जांच में वायरल पत्र में कई खामियां सामने आईं। प्रशासन के अनुसार, वायरल पत्र में शासकीय पत्र के निर्धारित प्रारूप का पालन नहीं किया गया है। इसके अलावा पत्र में कई वर्तनी और व्याकरण संबंधी गलतियां भी पाई गई हैं।

इन खामियों के आधार पर प्रशासन ने बताया कि यह पत्र किसी असामाजिक या शरारती तत्व द्वारा तैयार कर सोशल मीडिया पर भ्रामक तरीके से प्रसारित किया गया है।

किसी काम की नहीं हुई स्वीकृति

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वायरल पत्र में जिन कार्यों का उल्लेख किया गया है, उनकी स्वीकृति के संबंध में कार्यालय कलेक्टर (पिछड़ा वर्ग विकास शाखा), सक्ती द्वारा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। ऐसे में वायरल पत्र के आधार पर किसी योजना, कार्य या स्वीकृति को वास्तविक मानना लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

फर्जी पत्र आगे प्रसारित न करने की अपील

जिला प्रशासन ने आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और ग्राम पंचायतों से अपील की है कि वे इस फर्जी पत्र पर भरोसा न करें और इसे किसी भी माध्यम से आगे प्रसारित न करें। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि भ्रामक एवं गलत जानकारी फैलाना दंडनीय अपराध है। वहीं, फर्जी पत्र तैयार करने और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वाले व्यक्ति की पहचान के लिए जांच की जा रही है। संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने नागरिकों से कहा है कि पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण से संबंधित किसी भी योजना, स्वीकृति अथवा कार्य की वास्तविक जानकारी के लिए सीधे कार्यालय कलेक्टर (पिछड़ा वर्ग विकास शाखा), सक्ती से संपर्क करें। इससे सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों और फर्जी दस्तावेजों से होने वाले भ्रम से बचा जा सकेगा।

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