Chhattisgarh News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की दो वर्ष पहले की घोषणा पर अब अमल शुरू हो गया है। शहर की तीन प्रमुख सड़कों के उन्नयन एवं मजबूतीकरण के लिए लोक निर्माण विभाग ने करीब 27 करोड़ रुपए की निविदा जारी की है।
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा पर अब अमल होना शुरू हो गया है। लोक निर्माण विभाग ने शहर की तीन सड़कों का उन्नयन एवं मजबूतीकरण करने के लिए लगभग 27 करोड़ रुपए की निविदा आमंत्रित की है, इस लागत से शहर की तीनो दिशा में जाने वाली सात किलोमीटर लंबी मार्ग पर अब आवागमन के सुगम होने के आसार नजर आने लगे है।
दो वर्ष पूर्व सूबे के मुखिया विष्णु देव साय ने जशपुर कुमार स्व. दिलीप सिंह जूदेव की पुण्यतिथी के अवसर पर पत्थलगांव के धार्मिक स्थल किलकिलेश्वर धाम में विधायक गोमती साय की मांग पर इंदिरा चौक से लेकर पुरन तालाब, इंदिरा चौक से लेकर कदमघाट एवं इंदिरा चौक रायगढ़ रोड में नंदनझरिया पुल तक सड़क का उन्नयन एवं मजबूतीकरण के कार्य की स्वीकृति प्रदान की थी, परंतु लोक निर्माण के अधिकारीयों के कार्यो मे लापरवाही एवं गैरजिम्मेदाराना रवैये के कारण दो साल से यह कार्य अधर मे लटका हुआ था।
जशपुर जिला आदिवासी अंचल के रूप में अपनी पहचान बनाया हुआ है। यहां आवागमन के लिए सडक़ मार्ग ही एक विकल्प है। पर लगभग दो दशक से सड़कों की हालत बेहद खराब रहने के कारण जिले भर के लोग सुगम यातायात के लिए आवेदन-निवेदन एवं आंदोलन कर चुके हैं। इस दौड़ में पत्थलगांव भी अछूता नहीं था, यहां से होकर रायगढ़, जशपुर और अंबिकापुर की ओर जाने वाली तीनो मार्ग की सड़कें बेहद जर्जर थी, जिसके कारण लोग यहां से पलायन तक कर चुके हैं। लेकिन अब विधायक गोमती साय की मांग पर सीएम की घोषणा के बाद शहरवासियों के दशको पुराने जख्म पर मरहम लगने का समय आ गया है।
बताया जाता है कि लोक निर्माण विभाग नेे मैनुअल दस्तावेजों की प्रक्रिया में काफी देरी की, जिसके कारण मुख्यमंत्री की घोषणा पर शहरवासियों द्वारा अनेक बार सवाल खड़े किए गए लेकिन इस कार्य को पूर्ण कराने के लिए विधायक गोमती साय काफी मजबूती से अपनी बातों को रख रही थी, लिहाजा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को कार्यालय से निकलकर फिल्ड में उतरना पड़ा।
दो बार मुआवजा राशि एवं रोड का प्रारंभिक प्राकलन तैयार करने में लोक निर्माण विभाग ने काफी त्रुटियां की, जिसके कारण तीनो ही मार्ग का सड़क प्रस्ताव पारित होने से रूक गया। नागरिकों की बार-बार मांग के बाद लोक निर्माण विभाग ने पुन: प्राकलन तैयार कर लगभग 27 करोड़ रुपए की लागत स्वीकृत कराई, जिसमे शहर के तीनो मार्ग की 7 किलोमीटर सड़क का अब उन्नयन का मार्ग खुल गया है।
शहर की तीनो सडक़ो के उन्नयन एवं मजबुती का कार्य मे अब भी ग्रहण के बादल मंडरा रहे है। दरअसल नगरीय प्रशासन ने सडक बनाने की प्रारंभिक प्रक्रिया अब तक शुरू नही की है। शहर की तीनो सडको के उन्नयन एवं मजबुतीकरण के काम मे सबसे बडी अडचन यहा का बेजा कब्जा है,जिसे अब तक नगरीय प्रशासन ने हटाया नही है, जिसके कारण लोक निर्माण विभाग द्वारा आमंत्रित की गयी निविदा एवं सीएम की घोषणा कमजोर प्रशासन की भेंठ चढने का अनुमान लगाया जा रहा है।
संतोष पैंकरा, एस.डी.ओ, लोक निर्माण विभाग, संभाग पत्थलगांव के मुताबिक, साईट क्लीयरेंस का कार्य प्रोसेस में है, कार्य शुरू होने से पूर्व सभी पहलुओं को क्लीयर कर दिया जाएगा।