
सड़क नहीं तो रिश्ता नहीं: 3 सगाइयाँ टूटीं (फोटो सोर्स- पत्रिका)
CG News: बेमेतरा जिला के नवागढ़ ब्लॉक के ग्राम पंचायत धौराभाटखुर्द के आश्रित ग्राम के लोगों ने जनगणना का विरोध किया है। विरोध दर्ज कराने के पूर्व ग्राम सभा में बकायदा प्रस्ताव पारित किया गया है, जिसमें साफ-साफ लिखा है कि ग्राम हरिहरपुर में जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर का अयोजन किया जाए।
गांव की समस्या का यदि निराकरण नहीं होता है तो जनगणना का विरोध किया जाएगा। गांव के शिक्षक दिनेश कुमार धु्रव नियमित स्कूल नहीं आते, उनका ट्रांसफर किया जाए। आंगनबाड़ी भवन के निकट जर्जर शौचालय को डिस्मेंटल किया जाए।
गांव वालों ने यह निर्णय इस कारण लिया है कि यदि जिला स्तरीय शिविर लगेगा तो जिले के अधिकारियों को यह गांव दिखेगा। गांव के लोग छह माह तीन दिशा में तीन किलोमीटर पैदल चलते हैं तब उन्हें पक्की सड़क का दर्शन होता है। धौराभाट, जंगलपुर, भालापुर जाने के लिए कच्ची सड़क ही सहारा है। राज्य के लोक गायक गोफेलाल गेंदले का यह गांव है। वे इन दिनो गांव वालों के साथ सुर मिला रहे हैं। इस साल तीन लड़कों की सगाई सड़क के फेर में टूट गई।
लड़की वालों ने यह कहकर रिश्ता तोड़ दिया कि चलने लायक सड़क बन जाए तो शादी के लिए सोचना। सड़क के कारण बेटियों की पढ़ाई भी छूट जाती है। प्रसव के समय कई महिलाएं मायके चली जाती हैं। सतनामी व यादव दो जाति के लोग इस गांव में रहते हैं। उपेक्षा से आहत होकर यह निर्णय गांव के लोगो ने लिया है।
ग्राम हरिहरपुर में स्कूल जतन योजना में स्कूल भवन की मरम्मत की गई है। गांव में आंगनबाड़ी भवन का निर्माण हो रहा है। शुद्ध जल के नाम पर जिस स्थल पर सोलर पैनल लगा है, वहां केवल पानी आता है। केवल एक हैंडपंप चलता है। बाकी जवाब दे चुके हैं। गांव के लोग हरेक बार चुनाव के पूर्व अपनी आवाज बुलंद करते हैं तो उन्हें आचार संहिता का हवाला देकर शांत करा दिया जाता है। इस बार बिफोर एंट्री कर सुशासन की गुहार लगाई गई है।
हरिहपुर को लेकर ग्राम सभा में हुए प्रस्ताव को लेकर जब पूछा गया तो प्रभारी बीईओ हितेन्द्र कुमार बंजारे ने कहा कि गांव वालों के प्रस्ताव के पूर्व ही उक्त शिक्षक के निलंबन का प्रस्ताव जिला शिक्षा अधिकारी को भेजा जा चुका है। वेतन कटौती व कारण बताओ नोटिस पहले जारी किया जा चुका है।
सीईओ जनपद पंचायत व एसडीएम नवागढ़ से मैसेज से पूछे गए सवाल का कोई जवाब नहीं दिए। अधिकारियों की चुप्पी यह बता रही हैं कि वे इस गांव तक पहुंचे ही नहीं। लोगों की मानें तो नवागढ़ में किसी भी जिम्मेदार अधिकारी का रात मुकाम नहीं होता, मुख्यालय में निवास केवल कागजी है।
Published on:
04 May 2026 01:10 pm
