29 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Census 2027: अब तक 2800 लोगों ने घर बैठे भरे सवाल, मकान से लेकर परिवार तक देनी होगी पूरी जानकारी, जानें डिटेल्स

Census 2027: जनगणना 2027 के लिए सरकार ने स्व-गणना प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है, जिसमें नागरिक अब घर बैठे मोबाइल ओटीपी के जरिए अपनी और अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं।

2 min read
Google source verification
जनगणना 2027 (photo-patrika)

जनगणना 2027 (photo-patrika)

Census 2027: जनगणना 2027 के लिए शुरू हुई स्व गणना प्रक्रिया में लोगों का रूझान बढ़ रहा है। 16 अप्रैल से शुरू हुई इस सुविधा का लाभ अब तक 2800 नागरिक ले चुके हैं।

भारत सरकार ने इसके लिए खास पोर्टल जारी किया है, नागरिक घर बैठे मोबाइल से अपने मकान और परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। स्व गणना के लिए सबसे पहले मोबाइल नंबर डालना होता है। इसके बाद ओटीपी से लॉगिन होता है। लॉगिन होते ही कुल 34 सवालों जवाब देने होते हैं। इन्ही जवाबों से जनगणना का डेटा तैयार होगा।

Census 2027: मकान से लेकर चूल्हे तक की देनी होगी जानकारी

फॉर्म में मकान की स्थिति सबसे अहम है। दीवार, छत और फर्श किस चीज के बने हैं, ये पूछा जा रहा हैं। मकान का उपयोग आवास, दुकान या कार्यालय के रूप में हो रहा है, यह बताना है। मकान अपना है या किराए का ये जानकारी भी देनी है। मकान को हालात अच्छी रहने लायक या जर्जर है, इसका जवाब भी देना होगा। परिवार के हर सदस्य की जानकारी मांगी गई है। सदस्य का लिंग पुरूष महिला या ट्रांसजेंडर में चुनना है। जाति वर्ग भी बताना है।

घर की बुनियादी सुविधाओं पर खास जोर है। पेयजल का स्त्रोत नल, हैंडपंप या कुंआ क्या है, ये पूछा गया है। पानी घर में मिलता है या बाहर जाना पड़ता है, ये भी बताना है। बिजली का मुख्य स्त्रोत क्या है, शौचालय है या नहीं, शौचालय सेप्टिक टैंक वाला है या सीवरेज से जुड़ा, यह जानकारी देनी है। गंदे पानी की निकासी नाली में होती है, या खुली नहाने की व्यवस्था कैसी है, ये सवाल भी शामिल है।

2021 में कोरोना के कारण करना पड़ा था स्थगित

पिछली जनगणना 2011 में हुई थी। नियमानुसार अगली जनगणना 2021 में होनी थी, लेकिन कोविड-19 के प्रकोप के कारण इस प्रशासनिक अभियान को स्थगित करना पड़ा था। अब केन्द्र सरकार ने इसे 2027 में आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह लगभग 16 वर्षों के बाद होने वाली जनगणना होगी, जो देश के भविष्य की योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करेगी।

संदीप सिंह ठाकुर, संयुक्त कलेक्टर व नोडल अधिकारी जनगणना के मुताबिक, अधिक से अधिक लोग स्व गणना करें। सही जानकारी भरने के बाद 11 अंकों की आईडी मिलेगी। जनगणना करने आए प्रगणक को यह आईडी बतानी होगी। इसमें समय पर काम पूरा होगा और डेटा भी पक्का रहेगा।

बड़ी खबरें

View All

जांजगीर चंपा

छत्तीसगढ़

ट्रेंडिंग