
जनगणना 2027 (photo-patrika)
Census 2027: जनगणना 2027 के लिए शुरू हुई स्व गणना प्रक्रिया में लोगों का रूझान बढ़ रहा है। 16 अप्रैल से शुरू हुई इस सुविधा का लाभ अब तक 2800 नागरिक ले चुके हैं।
भारत सरकार ने इसके लिए खास पोर्टल जारी किया है, नागरिक घर बैठे मोबाइल से अपने मकान और परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। स्व गणना के लिए सबसे पहले मोबाइल नंबर डालना होता है। इसके बाद ओटीपी से लॉगिन होता है। लॉगिन होते ही कुल 34 सवालों जवाब देने होते हैं। इन्ही जवाबों से जनगणना का डेटा तैयार होगा।
फॉर्म में मकान की स्थिति सबसे अहम है। दीवार, छत और फर्श किस चीज के बने हैं, ये पूछा जा रहा हैं। मकान का उपयोग आवास, दुकान या कार्यालय के रूप में हो रहा है, यह बताना है। मकान अपना है या किराए का ये जानकारी भी देनी है। मकान को हालात अच्छी रहने लायक या जर्जर है, इसका जवाब भी देना होगा। परिवार के हर सदस्य की जानकारी मांगी गई है। सदस्य का लिंग पुरूष महिला या ट्रांसजेंडर में चुनना है। जाति वर्ग भी बताना है।
घर की बुनियादी सुविधाओं पर खास जोर है। पेयजल का स्त्रोत नल, हैंडपंप या कुंआ क्या है, ये पूछा गया है। पानी घर में मिलता है या बाहर जाना पड़ता है, ये भी बताना है। बिजली का मुख्य स्त्रोत क्या है, शौचालय है या नहीं, शौचालय सेप्टिक टैंक वाला है या सीवरेज से जुड़ा, यह जानकारी देनी है। गंदे पानी की निकासी नाली में होती है, या खुली नहाने की व्यवस्था कैसी है, ये सवाल भी शामिल है।
पिछली जनगणना 2011 में हुई थी। नियमानुसार अगली जनगणना 2021 में होनी थी, लेकिन कोविड-19 के प्रकोप के कारण इस प्रशासनिक अभियान को स्थगित करना पड़ा था। अब केन्द्र सरकार ने इसे 2027 में आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह लगभग 16 वर्षों के बाद होने वाली जनगणना होगी, जो देश के भविष्य की योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करेगी।
संदीप सिंह ठाकुर, संयुक्त कलेक्टर व नोडल अधिकारी जनगणना के मुताबिक, अधिक से अधिक लोग स्व गणना करें। सही जानकारी भरने के बाद 11 अंकों की आईडी मिलेगी। जनगणना करने आए प्रगणक को यह आईडी बतानी होगी। इसमें समय पर काम पूरा होगा और डेटा भी पक्का रहेगा।
Updated on:
29 Apr 2026 07:47 pm
Published on:
29 Apr 2026 07:47 pm
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