खुला पेट्रोल बेचने वालों पर होगी कार्रवाई, व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए प्रशासन और पुलिस की संयुक्त बैठक रखी गई
झाबुआ. अयोध्या प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के आने वाले निर्णय के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। व्यवस्थाओं की समीक्षा को लेकर प्रशासन और पुलिस की संयुक्त बैठक हुई। इसमें बारिक से बारीक चीजों पर चर्चा हुई। सभी एसडीएम और पुलिस अधिकारियों से कहा गया है कि वे अभी से ऐसे इलाके चिह्नित कर लें जहां भीड़भाड़ रहती है या फिर वे संवेदनशील है। उन स्थानों पर उपद्रव की स्थिति में इस्तेमाल में आने वाली सामग्री जैसे पत्थर-ईंट आदि को हटाया जाएगा। संवेदनशील इलाकों के घरों की छत पर भी ऐसी सामग्री नहीं रखने दी जाएगी। जिले के साथ मप्र को गुजरात व राजस्थान राज्य से जोडऩे वाली सीमा पर भी विशेष सतर्कता बरती जाएगी। जिससे कोई शरारती तत्व यहां प्रवेश न कर सके।
दरअसल प्रशासन किसी तरह की चूक नहीं चाहता। लिहाजा कलेक्टर प्रबल सिपाहा व एसपी विनीत जैन ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, एसडीओपी, थाना व चौकी प्रभारी की संयुक्त बैठक लेकर उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया है कि वे खुला पेट्रोल बेचने वालों के विरुद्ध कार्रवाई होगी। क्योंकि इसका उपयोग अन्य कार्य के लिए हो सकता है। सभी पेट्रोल पंप संचालकों को भी हिदायत दी गई है कि वे किसी भी व्यक्ति को खुला पेट्रोल न दें। जिले में जहां भी पट्रोल पंप से पेट्रोल लेकर उसे छोटी बोतल व केन में बेचने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने के साथ संग्रहित पेट्रोल को जब्त किया जाए। अधिकारियों को यह भी कहा गया हैकि वे अपने वाहन में सुरक्षा संबंधी उपकरण जैसे हेलमेट, मास्क, लाठी, रस्सा, टॉर्च, पीएस सिस्टम, हूटर, मेडिकल किट आदि लेकर चलें। ताकि आवश्यकता पडऩे पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जा सके और कानून व्यवस्था की स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सके।
सीसीटीवी से रखी जाएगी निगरानी-
शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में जितने भी निजी व सार्वजनिक संस्थाओं में सुरक्षा की दृष्टि से जो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। उनसे पूरे क्षेत्र में निगरानी रखी जाएगी। लोगों से भी कहा गया है कि वे इस बात का विशेष ध्यान रखें कि उनके सीसीटीवी कैमरे चालू हालत में हो। कैमरे के एंगल को एडजेस्ट करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। ताकि अशांति फैलाने वाले तत्वों की वीडियो रिकार्डिंग उपलब्ध हो सके।
सुरक्षा के लिए वनरक्षकों की मदद लेंगे-
जिले में पुलिस बल की कमी को देखते हुए प्रशासन ने अभी से आबकारी उप निरीक्षक, आरक्षक और वनरक्षक की सूची भी तैयार की जा रही है। ताकि जरूरत पडऩे पर उन्हें सुरक्षा और कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए तैनात किया जा सके। सभी आदतन अपराधियों पर भी नजर रखी जाएगी। इसके अलावा राजस्व और पुलिस विभाग समन्वय कर बड़े कस्बों और संवेदनशील क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए फ्लैग मार्च निकालेंगे। वहीं सार्वजनिक स्थानों, संवेदनशील क्षेत्रों, भीड़-भाड़ वाले इलाकों में लोगों की आवाजाही और बसों में आने-जाने वाले यात्रियों की गतिविधियों पर निगाह रखेंगे।
थाना-चौकियों में खड़ी रखेंगे फायर ब्रिगेड-
सभी फायर ब्रिगेड को सुरक्षा की दृष्टि से सभी उपकरणों के साथ थानों-चौकियों में तैनात किया जाएगा। इससे आपातकालीन परिस्थितियों में आगजनी की घटनाओं पर शीघ्रता से नियंत्रण पाया जा सके। ग्राम पंचायतों में उपलब्ध पेयजल टैंकर का भी आपात स्थिति में उपयोग किया जाएगा। यदि उनमें मोटर पंप नहीं है तो पंचायत के आकस्मिक मद से मोटर पंप लगाए जाएंगे। सभी चिकित्सकों को भी अपने मुख्यालय पर रहने को कहा गया है ताकि आगजनी की घटनाओं के दौरान पीडि़त को तत्काल उपचार मिल सके।