झालावाड़

शिक्षा निदेशालय ने दी चेतावनी, प्रायोगिक परीक्षा में विद्या​र्थियों से लिया सेवा शुल्क तो होगी सख्त कार्रवाई

- जिले में 20 जनवरी तक करवानी है प्रायोगिक परीक्षाएं

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झालावाड़. राजकीय और निजी विद्यालयों में प्रायोगिक परीक्षाओं में कथित तौर पर बरसों से चली आ रही मेहमान नवाजी परंपरा पर आखिरकार शिक्षा विभाग ने संज्ञान लिया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में परिपत्र जारी कर सख्त दिशा निर्देश दिए हैं। जिनमें साफ कहा है कि परीक्षा या निरीक्षण के नाम पर किसी भी शिक्षक-परीक्षक या शैक्षिक अधिकारी, उड़नदस्ते या बाह्य परीक्षक का स्वागत, ठहराव, भोजन या किसी भी प्रकार की सुविधा देना नियमों का खुला उल्लंघन माना जाएगा और दोषियों पर कठोर कार्रवाई होगी।

विभाग के परिपत्र में यह भी स्वीकार किया गया कि प्रायोगिक परीक्षाओं के दौरान कई विद्यालयों में बाह्य परीक्षकों के लिए विशेष इंतजाम किए जाते रहे है। होटल में ठहराना, उनका सम्मान भोजन व्यवस्था और आतिथ्य के नाम पर होने वाली गतिविधियां परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती रही है। अब इन सभी प्रथाओं पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। शिक्षा निदेशालय से निर्देश के बाद झालावाड़ जिले में गहन जांच व प्रायोगिक परीक्षाओं की निगरानी के लिए तीनसदस्यउड़नदस्ता बनाया गया है। जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक भीमसिंह जाट, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी पवन पाटीदार व बालचन्द कारपेंटर नियमित रूप से जहां प्रायोगिक परीक्षाएं होगी वहां का अवलोकन औचक रूप से करेंगे, कहीं कोई शिकायत पाई जाती है, तो वीक्षक व स्कूल के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाएंगे। निष्पक्ष रूप से प्रायोगिक परीक्षा करवाई जाएगी, इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, झालावाड़ में कंट्रोल रूप में बनाया गया है।जिसके नंबर 07432- 294338 पर शिकायत कर सकते हैं।

झालावाड़ जिले में 352 स्कूलों में 9 विषयों में प्रायोगिक परीक्षाएं 15 दिन में करवाना होगा। हालांकि प्रायोगिक परीक्षाएं 1 जनवरी से शुरू होनी थी, लेकिन अभी तक किसी भी स्कूल में शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में 15 दिन में समय पर सभी 9 विषयों की प्रायोगिक परीक्षाएं करवाना शिक्षा विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है।

सरकारी शिक्षक ही लेंगे परीक्षा-

निदेशालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रायोगिक परीक्षाओं में केवल सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों को ही बाह्य परीक्षक के तौर पर ड्यूटी पर लगाया जाएगी। निजी विद्यालयों के शिक्षकों की नियुक्ति किसी भी स्थिति में नहीं होगी। यह भी निर्देश दिया कि परीक्षा के दौरान कोई अनियमितता या दबाव की स्थिति बने तो परीक्षक तत्काल पुलिस थाने, जिला शिक्षा अधिकारी और बोर्ड के नियंत्रण कक्ष को सूचना देगा।

नहीं मिली स्कूलों को सामग्री-

प्रायोगिक परीक्षा के लिए स्कूलों को सामग्री मिलनी है, लेकिन अभी तक कई स्कूलों में सामग्री नहीं पहुंची है। स्कूलों को पुस्तिकाएं, ग्राफपेपर, ड्राइंग शीट्स आदि कई स्कूल नोडल केन्द्र से लेकर नहीं गए है। ऐसे में प्रायोगिक परीक्षाएं समय पर करवाने में परेशानी होगी।

लेनी होगी सेल्फी-

बोर्ड परीक्षाओं में प्रायोगिक परीक्षाएं लेने वाले वीक्षक को परीक्षा के प्रारंभ, परीक्षा के दौरान व परीक्षा समाप्ति पर एक-एक सेल्फी व फोटो बोर्ड की वेबसाइड पर भेजनी होगी। जो जीएपएस के माध्यम से लाइव लोकेशन की भेजनी होगी।

आवभगत का खर्च भी विद्यार्थियों से-

प्रायोगिक परीक्षा के दौरान स्कूल ही नहीं, कॉलेजों में भी अच्छे अंक देने के नाम पर खातिरदारी और वसूली का खेल चलता है। विद्यार्थियों से प्रायोगिक परीक्षाओं के नाम पर हजारों रुपए तक वसूल किए जाते हैं, ताकि उन्हें अच्छे नंबर मिल सकें। वसूले गए पैसों में से प्रायोगिक परीक्षक का सुविधा शुल्क निकालने के साथ ही आय के तौर पर भी जमा कर लिया जाता है।

वीडियोग्राफी भी होगी अनिवार्य-

शिक्षा विभाग ने सख्त चेतावनी दी कि यदि किसी विद्यालय का संस्था प्रधान, विषय अध्यापक या कोई अधिकारी स्वागत-मेहमान नवाजी करते पाया गया, तो केवल संबंधित कर्मचारी ही नहीं, बल्कि संस्था प्रधान को भी जिम्मेदार ठहराया जाएगा। आवश्यकता पड़ने अनुशासनात्मक कार्रवाई व दंडात्मक प्रावधान लागू होंगे। प्रायोगिक परीक्षाओं की वीडियोग्राफी भी अनिवार्य कर दी गई है।

स्वयं पाठी विद्यार्थियों की बाद में होगी परीक्षा-

जिले में स्वयंपाठी विद्यार्थियों की प्रायोगिक परीक्षाएं रेगूलर विद्यार्थियों के बाद होगी। जिले में स्वयंपाठी विद्यार्थियों की प्रायोगिक परीक्षा 25 से 31 जनवरी के बीच उनके परीक्षा केन्द्र पर ही आयोजित की जाएगी।

झालावाड़ जिले में आंकड़ों पर एक नजर

- जिले में 1 से 20 जनवरी के बीच प्रस्तावित है प्रायोगिक परीक्षाएं

- 3 संकाय जिसमें कलां, विज्ञान व और कृषि शामिल है

- 9 विषयों की होती है प्रायोगिक परीक्षाएं

- जिले में 500 से 2000 रुपए तक वसूलता है स्कूल प्रबंधन विद्यार्थियों से

- जिले में 352 स्कूलों में करवानी है प्रायोगिक परीक्षा।

तय समय पर प्रायोगिक परीक्षाएं करवाने के लिए पांबद कर दिया

सभी संस्थाप्रधानों को तय समय पर प्रायोगिक परीक्षाएं करवाने के लिए पांबद कर दिया है, कहीं भी कोई भी परीक्षक किसी भी तरह की आवभगत व सेवा शुल्क नहीं लेंगे, कहीं ऐसी बात आती है तो सख्त कार्रवाई करेंगे। इसके लिए उड़न दस्ता बना लिया गया है। जिले में 20 जनवरी तक सभी विषयों की प्रायोगिक परीक्षाएं करवानी है।

बालचन्द कारपेंटर, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी, माध्यमिक,झालावाड़।

Published on:
05 Jan 2026 11:12 am
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