12 मार्च 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Jhalawar Murder: पत्नी पर अवैध संबंधों का शक, पति ने युवक की आंखों में मिर्ची डालकर मारे थे ताबड़तोड़ चाकू

Murder In Illicit Relation: झालावाड़ जिले में पत्नी से अवैध संबंध होने के शक में युवक की हत्या करने के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। गंगधार थाना क्षेत्र के इस चर्चित मामले में आरोपी ने युवक की आंखों में मिर्ची डालकर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी थी।

2 min read
Google source verification
Rajasthan-Police

प्रतीकात्मक तस्वीर: पत्रिका

Court Order In Rajasthan Murder: पत्नी से अवैध संबंध होने के शक में युवक की हत्या करने के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सेशन न्यायाधीश गौरव शर्मा की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपी पर 30 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

अपर लोक अभियोजक हेमराज शर्मा ने बताया कि यह मामला झालावाड़ जिले के गंगधार थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 4/25 के तहत दोषी पाया है।

अवैध संबंध के शक में की हत्या

अभियोजन के अनुसार आरोपी मोहनलाल पुत्र शंभूलाल प्रजापति (45) मूल रूप से मंदसौर जिले के शामगढ़ थाना क्षेत्र के देवगढ़ का निवासी है और वर्तमान में गंगधार थाना क्षेत्र के तलावली में रह रहा था। आरोपी को अपनी पत्नी और श्यामलाल (35) के बीच अवैध संबंध होने का शक था। इसी शक के चलते उसने श्यामलाल की हत्या करने की योजना बनाई।

घटना के दौरान आरोपी ने पहले श्यामलाल की आंखों में मिर्च डाल दी, जिससे वह संभल नहीं पाया। इसके बाद आरोपी ने चाकू से उस पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल होने के कारण श्यामलाल की मौत हो गई।

12 मार्च 2024 को दर्ज हुई थी रिपोर्ट

इस मामले में परिवादी रामलाल ने 12 मार्च 2024 को गंगधार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी के खिलाफ प्रकरण अदालत में पेश किया।

मामले की सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक की ओर से अदालत में साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए। प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी मोहनलाल को दोषी मानते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 30 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया।