Jhalawar News: झालावाड़ में सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों ने शादी वाले घरों का बजट बिगाड़ दिया है। महंगाई के चलते नई खरीददारी कम हो गई है और मां अपने पुराने गहनों को री-डिजाइन कराकर बेटियों की शादी के लिए तैयार करवा रही हैं।
Gold-Silver Jewelry Redesign: शादियों का सीजन परवान पर है, लेकिन गहनों की खनक सोना-चांदी के भाव आसमान छूने से फीकी पड़ी हुई है। इसके चलते ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए विवाह में अपनी बेटियों की विदाई सोने-चांदी के लगातार बढ़ते भावों से मंद पड़ गई हैं।
सोने चांदी के रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ी कीमतों ने गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों के अरमान लील लिए हैं। वहीं बेटी की स्वर्ण आभूषणें से सजकर दुल्हन बनने की तमन्ना भी अधूरी रह गई है। अधिकतर परिवारों में मां अपनी बेटी के लिए अपने गहने बेचकर आभूषण देने के लिए बेबस है। पिछले दो महीने से लगातार सोने चांदी के भावों के बड़ा उलटफेर से हालात ऐसे है कि दाम घटने की आस में शादियां भी आगे खिसकाई जा रहीं है, लेकिन सोने-चांदी के भाव कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं।
अपने बेटे की शादी में अपनी बहू के लिए गहने खरीदने आई एक झालावाड़ की महिला नए गहने खरीदने के बजाय अपने पीहर से मिले पुराने गहनों को सुनार को सौंपते हुए बताया कि सोने और चांदी के दाम आसमान छू रहे हैं।
ऐसे में शादी में नए गहने खरीदना आसान नहीं रहा। इसी प्रकार एक अन्य महिला अपने गहनों से अपनी बेटी के गहने बनवाकर अपने पीहर की यादों का त्याग करने के लिए मजबूर होती देखी गई। उन्होंने बताया कि उनके पीहर से मिले गहनों से उनके पीहर की यादें जुड़ी हैं, जिन्हें अब वह अपनी बेटी और बहु को दे रही है। जिस तरह से सोने चांदी के भाव बढ़ रहें हैं, पुराने गहनों को बदलवा कर नया बनवाना या फिर उन्हें पॉलिस करना ही ज्यादा बेहतर लगता है।
कस्बे में सोने-चांदी के भाव सातवें आसमान पर पहुंचने के बाद सुनारों की दुकानों में सन्नाटा पसरा हुआ है। स्वर्णकार महेश कुमार सोनी ने बताया कि बढ़े दामों के कारण सोना और चांदी आम ग्राहक से दूर है। सिर्फ 20-30 फीसदी कारोबार निवेश के भरोसे टिके हुए हैं, जबकि छोटे दुकानदारों के लिए यहां खरीददारी तक नहीं हो पा रही हैं।
सोने-चांदी के लगातार बढ़ती कीमतों के कारण सर्राफा बाजार में नई खरीददारी कम हो रही है, लेकिन पुराने गहनों को री डिजाइन करवाने का चलन बढ़ा है। सोने पर टेक्स और आयात शुल्क में राहत देकर आम ग्राहकों और छोटे सर्राफा कारोबारियों को सहारा दिया जाना आवश्यक हैं।
शिवम् सोनी, व्यापारी
सोने-चांदी की बढ़ती कीमतें वैश्विक अनिश्चितताओं, डॉलर की मजबूती और निवेशकों की सुरक्षित संपत्ति की मांग का परिणाम है। इससे आभूषण बाजार में मांग घट रही है और शादियों पर भी असर पड़ रहा है। सरकार यदि आयात शुल्क और जीएसटी में संतुलित नीति अपनाएं तो मांग बढ़ेगी और बाजार में गति मिल सकती है।
राकेश सोनी, व्यापारी सुनेल