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गांवों में तेज हुई पंचायत चुनाव की सरगर्मी , जिले में पहली बार 19 नए सरपंच बनेंगे

-जिले में 270 ग्राम पंचायतों में होंगे चुनाव

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-जिले में 270 ग्राम पंचायतों में होंगे चुनाव

झालावाड़.राज्य सरकार की ओर से 15 अप्रेल तक पंचायती राज व्यवस्था के चुनाव करवाने के लिए की जा रही तैयारियों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में हलचल तेज हो गई है। जिला परिषद व पंचायत समितियों के वाडोर् का परिसीमन होने के बाद कई ग्राम पंचायतों में भी वाडोZ का परिसीमन कर संख्या बढ़ाई गई है, जिससे आगामी समय में ग्राम पंचायत में वार्ड पंचों का प्रतिनिधित्व बढे़गा।

ग्रामीण राजनीति की पहली सीढ़ी वार्ड पंच को माना जाता है, जबकि ग्राम पंचायत का नेतृत्व सरपंच के हाथों में होता है। पंचायत राज विभाग द्वारा जिले में गत दिनों सभी ग्राम पंचायतों में वार्डों का गठन पूरा कर लिया है।

जिले में 19 नई ग्राम पंचायतों के साथ अब कुल 270 ग्राम पंचायतें हो गई है। जिले में पहली बार 19 सरपंच नए बनेंगे। ऐसे में यहां कई युवा अभी से तैयारी में जुट गए है।

गौरतलब है कि लंबे इंतजार के बाद सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक राज्य सरकार को 15 अप्रेल तक पंचायती राज व्यवस्था के चुनाव संपन्न करवाने हैं। इस प्रक्रिया में राज्य सरकार ने जिला परिषद व पंचायत समितियों का परिसीमन भी कर वाडोZ की फाइनल सूची जारी कर दी है। अब अधिक आबादी वाली कई ग्राम पंचायतों में भी वाडोZं की संख्या में फेरबदल कर संख्या बढ़ाई गई है। जिले में करीब 200 नए वार्ड बनाए गए है। इन वार्डों से चुने जाने वाले वार्ड पंच न केवल ग्राम पंचायत की सरकार का हिस्सा बनेंगे, बल्कि भविष्य में सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य जैसी बड़ी जिम्मेदारियां निभाकर राजनीति की दिशा भी तय करेंगे।

जनसंख्या के आधार पर संतुलित प्रतिनिधित्व का प्रयास-

इस बार वार्डों का निर्धारण पूरी तरह जनसंख्या के अनुपात में किया गया है। जिन ग्राम पंचायतों की आबादी तीन हजार तक है, वहां सात वार्ड बनाए गए हैं। इसके बाद प्रति एक हजार की आबादी बढ़ने पर दो-दो वार्ड बढ़ाए गए हैं। यानी तीन से चार हजार की आबादी वाली पंचायतों में नौ वार्ड, और आगे इसी अनुपात में 11, 13, 15 व उससे अधिक वार्ड तय किए गए हैं। इससे हर पंचायत में संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। झालावाड़ में ग्रामीण जनसंख्या 11 लाख से अधिक है, उसी के अनुपात में वोर्ड का निधाZरण किया गया है।

पंचायती राज चुनाव: फैक्ट फाइल

ग्रामीण जनसंख्या: 11 लाख 81हजार 467

कुल ग्राम पंचायत: 270

जिला परिषद के वार्ड : 27 से बढ़कर 33 हो गए

कुल ग्रामपंचायत में वार्ड: 2676 से बढ़कर अब 2880 हो गए

जिले में नई ग्राम पंचायतेबनी: 19

जिले में ग्राम पंचायतें पुर्नगठित हुई : 60

आरक्षण की लॉटरी पर टिकी नजरें-

वार्डों की घोषणा के साथ ही गांव-गांव में संभावित प्रत्याशियों की सक्रियता बढ़ गई है। हालांकि अभी निर्वाचन विभाग द्वारा आरक्षण के आधार पर सीटों का निर्धारण किया जाना बाकी है। सामान्य, सामान्य महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित वार्डों की लॉटरी निकलेगी। इसी लॉटरी पर कई दावेदारों की राजनीतिक उम्मीदें टिकी हुई हैं।हालांकि सरपंच पद के लिए लॉटरी नहीं आने तक सरपंची के दावेदार चुप्पी साधे हुए है।

चौपालों से चाय की दुकानों तक चुनावी चर्चा-

गांवों में अब चौपालों, चाय की दुकानों और खेत-खलिहानों तक पंचायत चुनाव की चर्चा आम हो चुकी है। कौन किस वार्ड से मैदान में उतरेगा, किसे किस वर्ग का समर्थन मिलेगा और कौन नए चेहरे राजनीति में कदम रखेंगे - इन सवालों पर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। चुनाव को लेकर ग्रामीण सियासत ने रफ्तार पकड़ ली है और आने वाले पंचायत चुनाव गांवों की राजनीति में नई दिशा तय करेंगे।