डिलेवरी के बाद दो बच्चों की अदला-बदली हो गई। दो घंटे तक जनाना स्टाफ को पता तक नहीं चला। जब परिजनों ने पैर पर लगे टेग देखा तो माता-पिता का नाम अलग होने के बाद जनाना अस्पताल के स्टाफ को अगवत कराया।
jhalawar News: राजकीय हीरा कुंवर बा जनाना चिकित्सालय में आए दिन स्टाफ की लापरवाही सामने आ रही है। बुधवार को डिलेवरी के बाद दो बच्चों की अदला-बदली हो गई। दो घंटे तक जनाना स्टाफ को पता तक नहीं चला। जब परिजनों ने पैर पर लगे टेग देखा तो माता-पिता का नाम अलग होने के बाद जनाना अस्पताल के स्टाफ को अगवत कराया। तो आनन-फानन में बच्चे वापस जिसके थे उन्हे दिए गए।
ऐसे हुई थी गलती -
लैबर रूम से जब नर्सिंग स्टाफ द्वारा बच्चे दिए गए तो उसी समय जल्दबाजी में बच्चे बदल गए थे। वहीं फाइल में भी आगे तो नाम सही थे, लेकिन पीछे जहां बच्चों का लिंग लिखा जाता है, उसमें लड़के की जगह लड़की व लड़की की जगह लड़का लिख दिया गया था। ऐसे में दोनों के परिजन संदेश में है कि आखिर उनका बच्चा कौनसा है।
दोपहर में हुई थी डिलेवरी-
कुकड़ा निवासी निशिका ने बताया कि उसकी दीदी का ससुराल देल्हाखेडी है। दोपहर एक बजे उसको डिलेवरी हुई थी। हमें लड़का दे दिया, जबकि हमारी लड़की थी, बाद में पता चला तो अस्पताल वालों को बताया। फिर वापस अदला-बदली की गई। वहीं पनवाड़ क्षेत्र के मोहनपुर निवासी बच्चे के पिता दीपचन्द ने बताया कि मुझे लड़की दे दी गई थी, दो घंटे बाद वापस लड़का दिया गया। अब मुझे कंफ्यूजन है कि मेरा बच्चा कौनसा है। अगर अस्पताल प्रशासन डीएनए टेस्ट करवाएं तो सही रहे। अगर ऐसी घटनाएं होगी तो अस्पताल से लोगों का विश्वास उठ जाएगा। वहीं बच्चे की बड़ी मम्मी पूजा का कहना है कि इस तरह की घटनाएं नहीं होनी चाहिए। वो तो मैंने पैर पर लगा टेग देख लिया इसलिए पता चल गया नहीं तो पता ही नहीं चल पाता।
एक समय दो ही डिलेवरी हुई थी-
जनाना चिकित्सालय में दोपहर के समय दो ही डिलेवरी हुई थी, उस समय चार लोगों का स्टाफ था,जब डिलेवरी हुई तो ध्यान रखकर बच्चे का लिंग लिखा जाता तो शायद ये गलती नहीं होती। सूत्रों ने बताया कि पूर्व में भी डिलवेरी के समय ईनाम के नाम पर पैसे मांगने की शिकायतें आ चुकी है। शायद ईनाम के चक्कर में जल्दबाजी में ऐसी घटनाएं होना संभव है।
दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी-
पूरी घटना की जांच की जाएगी। जो भी दोषी होगा उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। दोनों बच्चों के परिजन सहमत है उनको उनके ही बच्चे दिए गए है। फाइल में आगे पूरेनाम पते सही है। पिछले लिंग गलत लिखने से कंफ्यूजन हुआ है। बाद में सही कर दिया गया। दोनों परिजनों को उनके ही बच्चे दिए गए है।
डॉ.रवीन्द्र मीणा, अधीक्षक, हीरा कुंवर बा जनाना चिकित्सालय, झालावाड़।