झुंझुनू

आ​खिर झुंझुनूं में क्यों नहीं खुल रहा राजस्थान का पहला​ खेल विश्वविद्यालय?

सबसे पहली घोषणा भी झुंझुनूं के लिए हुई थी। इसके बाद दोरासर गांव में खेल विवि के जमीन तय भी कर ली गई। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैदान व अनेक खेल एकेडमियां भी हैं।

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Feb 17, 2025
राजस्थान के दोरासर गांव में वह जगह जहां खेल विवि प्रस्तावित है।

राजस्थान में कांग्रेस सरकार ने दो बार घोषणा की, भाजपा सरकार ने दो बार नाम बदला। सबकुछ कागजों में होता रहा। किसी ने वेतन उठाया तो किसी ने भत्ता। लेकिन हमारे सपनों का खेल विवि धरातल पर नहीं आया। अब उन्नीस फरवरी 2024 को राजस्थान की भजन लाल सरकार अपना दूसरा बजट पेश करेगी। इसमें घोषणा हो जाए तो झुंझनूं में राजस्थान का पहला सरकारी खेल विवि खुल सकता है। खेल विवि खुलने से अकेले झुंझुनूं को ही नहीं बल्कि सीकर, चूरू, झुंझुनूं, अलवर, हनुमानगढ़, गंगानगर, बीकानेर, अलवर, नागौर सहित राजस्थान के अनेक जिलों को फायदा होगा। खिलाडियों में उमीद जगेगी। झुंझुनूं ने देश को अनेक अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी दिए हैं। अनेक खिलाड़ी अभी भी नेशनल व इंटरनेशनल लेवल पर पदक जीत रहे हैं।

दस जुलाई 2024 को फिर हुई घोषणा

राजस्थान में फिर राज बदल गया। दस जुलाई 2024 को वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बजट के बिंदू संया 65. 2 को पढ़ते हुए कोच व खेल विशेषज्ञ तैयार करने के लिए महाराणा प्रताप खेल विवि खोलने की घोषणा की। साथ ही यह भी कहा कि इस पर दो सौ पचास करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। लेकिन यह विवि भी धरातल पर नहीं आया। अभी सरकार के मंत्री यह नहीं बता पा रहे कि खेल विवि किस जिले में खुलेगा। अब भाजपा के विधायक चाहे तो झुंझुनूं में खेल विवि की घोषणा करवा सकते हैं। इससे जिले में खेलों का माहौल बनेगा। दूसरे जिलों के खिलाड़ी व कोच भी यहां आएंगे। नए मैदान बनेंगे। श्रेष्ठ उपकरण आएंगे। भारत वैसे भी वर्ष 2036 में ओलपिक के लिए दावेदारी कर रहा है, अगर इसकी घोषणा हो जाती है तो यह खेल विवि ओलपिक के लिए खिलाड़ी तैयार करने में नींव का पत्थर साबित होगा।तत्कालीन सरकार ने जुलाई 2013 में डॉ. शैलेन्द्र कुमार सिन्हा को प्रथम कुलपति नियुक्त किया, मगर वे झुंझुनूं नहीं आए। करीब एक माह बाद फिर नया नया कुलपति बनाया गया। उन्होंने करीब 21 माह तक वेतन उठाया। उन्होंने विवि चलाया। यह विवि जयपुर स्थित एसएमएस स्टेडियम के एक कमरे में चला। कुलपति का कार्यकालपूरा होते ही यह कमरा भी बंद हो गया।

झुंझुनूं का हक सबसे ज्यादा

सीकर में पहले से पंडित दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय है। सरकार ने संभाग स्तर पर सरकारी खेल कॉलेज खोलने की घोषणा की थी, लेकिन सीकर में संभाग खत्म होने के बाद खेल कॉलेज का सपना भी टूट गया, ऐसे में अब झुंझुनूं का हक सबसे ज्यादा है। सबसे पहली घोषणा भी झुंझुनूं के लिए हुई थी। इसके बाद दोरासर गांव में खेल विवि के जमीन तय भी कर ली गई। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैदान व अनेक खेल एकेडमियां भी हैं।

प्रयास कर रहे हैं

झुंझुनूं में खेल विवि खुलवाने के लिए सरकार से मांग करेंगे। दोरासर में जगह भी देखी जा चुकी है। इसके अलावा भी अन्य प्रयास किए जा रहे हैं।

-राजेन्द्र भाम्बू विधायक झुंझुनूं

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