उच्च शिक्षा में 932 पदों की अभ्यर्थना राजस्थान लोकसेवा आयोग (आरपीएससी) को इसी सप्ताह में पुन: भेजी जाएगी। दरअसल, यह भर्ती दिव्यांगजन आरक्षण के पेच के कारण अटक गई थी, अब विभाग ने दिव्यांग और महिला आरक्षण संबंधी समस्या का हल निकाल लिया है।
उच्च शिक्षा में 932 पदों की अभ्यर्थना राजस्थान लोकसेवा आयोग (आरपीएससी) (Rajasthan Public Service Commission (RPSC) को इसी सप्ताह में पुन: भेजी जाएगी। दरअसल, यह भर्ती दिव्यांगजन आरक्षण के पेच के कारण अटक गई थी, अब विभाग ने दिव्यांग और महिला आरक्षण संबंधी समस्या का हल निकाल लिया है। साथ ही यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) (University Grant Commission (UGC))के प्रावधानों की समीक्षा के साथ संशोधन की कार्यवाही चल रही है। इसी हफ्ते अभ्यर्थना पुन: भेज दी जाएगी। यह जानकारी उच्च शिक्षा आयुक्त प्रदीप कुमार बोरड़ ने शिक्षा संकुल में दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 2366 पद खाली हैं। उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने इस अवसर पर प्रदेश के कॉलेजों के लिए एनुअल ऑडिटिंग प्रोग्राम (आप) की लॉटरी निकाली। उन्होंने बताया कि कॉलेजों की वार्षिक समीक्षा करने के लिए उनका भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए संभागवार गठित टीम का चयन लॉटरी के माध्यम से किया जा रहा है। जिसमें एक प्रिंसिपल और अलग-अलग स्थानों के दो लेक्चरर रहेंगे। यह टीम मार्च तक कॉलेजों का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके बाद रैंकिंग जारी की जाएगी। कॉलेजों के मूल्यांकन के लिए 130 मापदंड रखे गए हैं। इससे कॉलेजों में प्रतिस्पर्धा का माहौल तैयार होगा। इसके बाद नैक की ग्रेडिंग लेने का प्रयास किया जाएगा। भाटी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 50 नए महाविद्यालयों के लिए जल्द ही निर्माण शुरू होगा। अभी 61 बिना भवन चल रहे हैं। 31 को जमीन आवंटित कर दी गई ह।
20 को मनाया जाएगा राजस्थानी भाषा दिवस
मंत्री ने बताया कि 21 फरवरी को विश्व मातृभाषा दिवस मनाया जाता है, लेकिन महाशिवरात्रि के अवकाश के कारण प्रदेश में इसे 20 फरवरी को मनाया जाएगा। खास बात यह है कि कॉलेजों में इसे 'राजस्थानी भाषा दिवस' के रूप में मनाया जाएगा। इसके तहत राजस्थान भाषा को बढ़ावा देने के लिए कॉलेजों में वाद-विवाद, परिचर्चा, निबंध, भाषण आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। परीक्षा कॉपियों की जांच में शिक्षकों की लापरवाही के मामले में भाटी ने कहा कि जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है और शिकायतें राज्यपाल को भेजी गई हैं।