
Indian Air Force में टैटू गुदवाने वालों को नौकरी नहीं मिलेगी। दिल्ली हाईकोर्ट ने एयर फोर्स के उस फैसले पर मुहर लगा दी है जिसमें AIRMEN पद पर भर्ती एक शख्स की नियुक्ति इसलिए रद्द कर दी गई क्योंकि टैटू बनवा रखा था। जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस रेखा पाटिल की बेंच ने कहा, टैटू वायुसेना की ओर से दी जाने वाली रियायतों के दायरे में नहीं आता। उसने आवेदन फार्म के साथ टैटू की तस्वीर भी नहीं सौंपी, जबकि भर्ती विज्ञापन में इस संबंध में निर्देश दिए गए थे।
भारतीय थल, नभ, और वायु तीनों ही सेनाओं में चिकित्सा परीक्षण बहुत ही सख्ती के साथ होता है। भर्ती प्रक्रिया के दौरान चिकित्सा परिक्षण में चिकित्स्कों द्वारा आशंकित होने के स्थिति में रैफर करार दिया जाता है। जिसके बाद अभ्यर्थी को दिए गए मिलिट्री हॉस्पिटल या अन्य जगह चिकित्सा परीक्षण के लिए एक नियत तिथि दी जाती है। यहाँ रैफर हुए अभ्यर्थियों का चिकित्सा परीक्षण विशेषज्ञों के द्वारा दिया जाता है उसके बाद फिट/अनफिट करार दिया जाता है।
जानिए कौनसे अभ्यर्थी चिकित्सा परीक्षण में होते हैं अनफिट (Indan Army Medical Test)
INDIAN Army में भर्ती होने वाले युवकों में बहुत ही जोश और जूनून होता है देशभक्ति का लेकिन चिकित्सा परीक्षण एक ऐसा मानक एक है जहाँ किसी भी प्रकार से कितने भी मौकों में फिट नहीं हो सकते। चिकित्सा परीक्षण में कुछ बीमारियां ऐसी है जिनका इलाज उपरांत परिक्षण सकारात्मक परिणाम देता है। मगर कुछ ऐसी हैं जिनका कोई भी इलाज नहीं हैं। फुट फ्लेट कोई बिमारी नहीं है लेकिन दौड़ के साथ शारीरिक परिक्षण के पुरे मापदंड करने के बावजूद अनफिट करार दिया जाता है। दूसरा है कलर विजन जो एक ऐसी बीमारी है जिसका कोई इलाज नहीं है इसमें रंग के अंदर बना हुआ रंग दिखाई नहीं देता। इन अभ्यर्थियों का भी मेडिकल रैफर नहीं टूटता।