
भारतीय जीवन बीमा निगम में काम करने वाले अस्थायी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। LIC के देशभर में फैले आॅफिसों की विभिन्न शाखाओं में वर्ष 1985 से 1991 के बीच अस्थायी रूप से कार्य करने वाले कर्मचारियों को सुप्रीम कोर्ट की ओर से बड़ी राहत दी गई है। कोर्ट ने इन कर्मचारियों को स्थायी रूप से नौकरी दिए जाने के आवेदनों पर 21 अगस्त से पूर्व विचार करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने यह आदेश अवमानना याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिया है।
2009 व 2015 में भी दिए थे ओदश
LIC में काम कर चुके इन कर्मचारियों के लिए कोर्ट की ओर से यह महत्वपूर्ण निर्देश है। हालांकि इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट वर्ष 2009 व 2015 में यह आदेश दे चुका है लेकिन उसकी मानना नहीं की गई। इसी संबंध में एलआईसी कर्मचारी यूनियनों की ओर से अवमानना याचिका दायर की गई जिसके बारे में सुप्रीम कोर्ट ने यह नया निर्देश दिया है।
देने होंगे 20 मई 1985 से 4 मार्च 1991 के बीच काम करने के सबूत
कोर्ट ने यह आदेश दिया है कि एलआईसी में 20 मई 1985 से 4 मार्च 1991 के बीच अस्थायी रूप से काम करने वाले कर्मचारी सबूत पेश करते हैं तो उनके आवेदनों को नियमानुसार नियुक्ति के लिए एलआईसी कंसीडर करें। ऐसे मामलों की जांच करने तथा उस पर अंतिम निर्णय करने के लिए एलआईसी प्रशासन को वरिष्ठ अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं।
21 अगस्त तक दें रिपोर्ट
कोर्ट की ओर से एलआईसी को जारी निर्देश में कहा गया है कि प्रशासन यह प्रक्रिया 21 अगस्त तक पूरी करके उसकी रिपोर्ट पेश करे। इसी के साथ ही एलआईसी अस्थायी कर्मचारी संगठन की ओर से कर्मचारी एकत्रित होकर एलआईसी के अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों से अवगत करवा रहे हैं।