जोधपुर

EYE— प्रदेश में 8 करोड़ की जनता पर 287 नेत्र सहायक

- 400 से अधिक प्रशिक्षित सहायकों को इंतजार - ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के चलते अंधता के मामले में देश में राजस्थान दूसरे नम्बर पर
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Jan 24, 2023
EYE--- प्रदेश में 8 करोड़ की जनता पर 287 नेत्र सहायक
EYE--- प्रदेश में 8 करोड़ की जनता पर 287 नेत्र सहायक

जोधपुर।

प्रदेश की जनता को नेत्र चिकित्सा सुविधाएं नाममात्र की ही मिल रही है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश की करीब 8 करोड़ की आबादी की नेत्र चिकित्सा केवल 287 नेत्र सहायक ही है, जो राज्य सेवा में कार्यरत है। वहीं दूसरी ओर 400 से अधिक नेत्र सहायक सरकारी चिकित्सालयों से प्रक्षिशित होने व रजिस्टर्ड होने के बावजूद बेरोजगार बैठे हैं। इसको लेकर सरकार की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि जोधपुर जिले में करीब 25-30 नेत्र सहायक ग्रामीण क्षेत्रों में लगे हुए है, जो पर्याप्त नहीं है। वहीं जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में केवल दो नेत्र सहायक ठेका पद्धति से लगे हुए है।अस्पतालों में पर्याप्त नेत्र सहायक नहीं होने का खमियाजा लाखों नेत्र रोगियों को भुगतना पड़ रहा है।

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मरीजों की जांच प्रभावित

लेब टेक्नीशियन, रेडियोग्राफर व नेत्र सहायक पैरामेडिकल संवर्ग में ही आते हैं। तीनों की शैक्षणिक व तकनीकी योग्यता भी समान हैं। रेडियोग्राफर, लेब टेक्नीशियन के पद प्रत्येक पीएचसी स्तर तक सृजित है। जबकि नेत्र सहायक के पद अत्यंत कम होने के कारण विशेषतः ग्रामीण क्षेत्र के नेत्र रोगियों को प्राथमिक जांच के लिए भी मजबूरन जिला चिकित्सालयों या निजी चिकित्सालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। उल्लेखनीय है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के चलते अंधता के मामले में देश में राजस्थान दूसरे नम्बर पर है।

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कोरोना के बाद आंखों की समस्या आम

आंखों के प्रति ध्यान नहीं देने की वजह से लगभग 80 प्रतिशत लोगों को नेत्र संबंधित समस्या रहती हैं।कोरोना काल के चलते डिजीटल स्क्रीन के अधिक उपयोग की वजह से विशेषत: बच्चों,युवा-युवतियों व महिलाओं की आंख से देखने की क्षमता का कम होना या अन्य समस्या होना आम बात हो गई हैं।

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मुख्यमंत्री से लगा चुके गुहार, सुनवाई नहीं

बेरोजगार नेत्र सहायक राजस्थान संगठन के प्रदेशाध्यक्ष यशवेन्द्रसिंह राठौड़ व सदस्य रविन्द्रसिंह देवड़ा ने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री, सांसदों व विधायकों से समय-समय पर कई बार मांग पत्र भेज गुहार लगा चुके है। लेकिन सरकार की ओर से उपेक्षित नेत्र सहायकों की सुनवाई नहीं की गई है।

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Published on:
24 Jan 2023 09:26 pm