जोधपुर

Navratri 2022 : आई माता के दरबार में 600 साल से अखंड केसर ज्योत ,पढ़े पूरी खबर

Aai Mata Temple Bilada माता को प्रसन्न करने नवरात्र में होता है गरबा नृत्य
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Sep 28, 2022
Navratri 2022 : आई माता के दरबार में 600 साल से अखंड केसर ज्योत ,पढ़े पूरी खबर
Navratri 2022 : आई माता के दरबार में 600 साल से अखंड केसर ज्योत ,पढ़े पूरी खबर

जोधपुर. जिले के बिलाड़ा में आई माता के दरबार में 600 साल से अखंड केसर ज्योत प्रज्जवलित है।छह सौ वर्ष पूर्व गुजरात में मुगल बादशाह का मान मर्दन कर यहां पधारी आई माता ने यहां के बडेर की स्थापना की और यहीं पर वे ईश्वरीय भक्ति में रम गई। मंदिर के गर्भगृह में दीवान की ओर से स्थापित स्वर्ण जड़ित सिंहासन पर आई माता की प्रतिमा विराजित है। नवरात्र के अवसर पर देश भर से श्रद्धालु यहां आई माता के दर्शनों के लिए आते हैं । नवरात्र में डांडिया गरबा भी यहां पर जगह-जगह होता है। पूरे 9 दिनों तक कस्बे के युवक युवतियां गुजराती गरबा गीतों पर भक्ति नृत्य कर माता जी को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं।

Aai Mata Temple Bilada

हजारों भक्तों के समक्ष अखंड ज्योति में लीन

कहा जाता है कि एक बार वे कुछ दिनों के लिए एक गुफा में बैठकर साधना करने के लिए बिराजी ,और अपने भक्तों से कहा कि उन्हें कुछ दिन के लिए अकेला छोड़ दे। लेकिन भक्तों से रहा नहीं गया और 5-6 दिनों के बाद भक्तों ने उस गुफा का द्वार खोल दिया लेकिन वहां आई माता स्वयं न होकर उनके पहने हुए वस्त्र, उनकी मोजरिए एवं उनकी छड़ी मिली। आई माता के हाथों से प्रज्वलित ज्योत के ऊपर के पात्र पर आज भी काजल की जगह केसर आ रही है। अखिल भारतीय आई पंथ के धर्मगुरु दीवान माधोसिंह कहते है कि आज तक विश्व में जितने भी संत एवं महापुरुषों ने जन्म लिए उन्होंने यही शरीर छोड़ा, लेकिन आई माताजी ना तो किसी स्त्री की कोख से जन्मी और ना ही उनकी मृत्यु हुई । वह हजारों भक्तों के समक्ष अखंड ज्योति में लीन हो गए। केसर ज्योत इस बात का प्रमाण है कि आई माता की मौजूदगी माता की प्रतिमा के रूप में है।

Published on:
28 Sept 2022 09:27 pm