
जोधपुर. शहर के आनंद सिनेमा के निकट रविवार देर रात को एक वृद्ध भिखारी की मौत हो गई। सूचना पर सोमवार सुबह नगर निगम उपायुक्त अय्युब खान सहित पुलिस भी पहुंची। लेकिन शव सीएमएचओ ऑफिस की टीम उठाएगी या निगम की इसको लेकर दोनों विभागों में आपसी समन्वयका अभाव नजर आया। जिसके चलते शाम सात बजे तक शव सड़क किनारे पड़ा रहा।
आखिरकार सीएमएचओ कार्यालय में किसी ने शिकायत की तब जाकर मेडिकल टीम के साथ पहुंचे जोधपुर एम्बूलेंस चालक यूनियन के अध्यक्ष मुकेश प्रजापत, जयप्रकाश पंवार, सुनील कुमार उर्फ गब्बर, मुकेश वाल्मीकि आदि ने शव उठाकर एम्बूलेंस में रखा तथा अस्पताल पहुंचाया।
इससे पहले भी हो चुका है ऐसा ही वाक्या
कुछ दिनों पूर्व मंडोर सेटेलाइट अस्पताल के निकट गली में भिखारी बीमार अवस्था में पड़ा था। सूचना पर मेडिकल टीम मौके पर पहुंची। लेकिन बीमार को कोरोना संदिग्ध मानते हुए उसे एम्बूलेंस में डालने को लेकर निजी एम्बूलेंस का चालक राजी नहीं हुआ। बाद में चिकित्सक के दबाव के बॉडी एम्बूलेंस में रखवाई। उसकी शिकायत थी कि उसके बाद पहनने को किट नहीं है उसे कोरोना हो गया तो उसके परिवार का किया होगा।
सीएमएचओ कार्यालय में दी थी सूचना
शव सौंपने के बाद उसके अंतिम संस्कार करने की जिम्मेदारी निगम की रहती है। कोरोना संदिग्ध था इसलिए जांच जरूरी थी। सीएमएचओ कार्यालय में इसकी सूचना दे दी थी।
- अय्युब खान, उपायुक्त, नगर निगम, जोधपुर