
एडीएम राजेन्द्रसिंह चारण ने कहा कि शहर में स्वाइन फ्लू का एक मामला सामने आने के बाद लोगों को स्वाइन फ्लू से बचाव, लक्षणों व समय पर उपचार करवाने को लेकर जागरूक करना जरूरी है। उन्होंने स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए फलोदी, बाप व लोहावट में काढ़ा पिलाने के निर्देश दिए। फलोदी एसडीएम आलोक जैन ने कहा कि स्वाइन फ्लू को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए अब नगरपालिका के कचरा संग्रहण वाहनों पर लगे लाऊडस्पीकर में कुछ दिनों के लिए स्वच्छता के संदेश की जगह पर स्वाईन फ्लू पर आधारित रिकॉर्डिंग चलाई जाएगी। बैठक में बाप एसडीएम सुखाराम पिण्डेल ने चिकित्सा व्यवस्थाएं सुचारू रखने के निर्देश दिए।
सीएचसी फलोदी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. रविन्द्र परमार व बीसीएमओ डॉ. महावीरसिंह भाटी ने बताया कि स्वाइन फ्लू में जुकाम, छींक, सिर दर्द, खांसी, गले में तकलीफ, सांस लेने में तकलीफ, तेज बुखार व बदन दर्द की शिकायत होती है। इस प्रकार के लक्षण दिखने पर मरीज को तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लेकर उपचार करवाना चाहिए। उन्होंने बताया कि छींकते व खांसते समय मुंह पर रूमाल रखने, बार-बार साबुन से हाथ धोने, भीड़ वाले स्थान पर जाने, रोगी से कम से कम १ मीटर की दूरी बनाए रखने व टेमीफ्लू की पूरी खुराक लेने से बचाव होता है। इसके लिए राजकीय चिकित्सालयों में नि:शुल्क टेमीफ्लू दवा उपलब्ध है। आयुर्वेद विभाग के डॉ. विजेन्द्रङ्क्षसह ने बताया कि स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए सोमवार से राजकीय चिकित्सालय में सुबह ११ से दोपहर १ बजे तक नि:शुल्क काढ़ा पिलाया जाएगा तथा शनिवार को इंदिरा कॉलोनी में काढ़ा वितरित किया जाएगा।