
देणोक. बरसिंगों का बास एवं केरला सरहद स्थित लुळेच्चियों माता मन्दिर की ओरण भूमि पर पिछले दो माह से हो रहे मूरड़ के अवैध खनन के कार्य को रूकवाने को लेकर प्रशासन का ध्यान आखिर चला गया। ग्रामीणों की लगातार शिकायत पर राजस्थान पत्रिका ने अपने आज के अंक में दो माह से हो रहे अवैध खनन, प्रशासन मौन शीर्षक से समाचार प्रकाशित होने के बाद हरकत में आए प्रशासन अधिकारियों ने बुधवार दोपहर को मौके पर पहुंचे लेकिन खनन माफियों को आने की भनक लगते ही मौके से भाग छूटे। मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार रमेश कुमार माली, रैवेन्यू इंस्पेक्टर कन्हैयालाल छीपा, हल्का पटवारी एवं हल्का पुलिस थाना मतोड़ा से थाना प्रभारी इमरान खान, उपनिरीक्षक घेवरराम डागी मौके पर पहुंचे और इनकी उपस्थिति में राजस्व विभाग अधिकारियों ने मौके पर पिछले दो माह से हुए अवैध मूरड़ के खनन की मौका रिपोर्ट बनाई। इस मौके उपस्थित गांव के वार्डपंच राजू सिंह भाटी, विशाल बेलदार, माणराम बेलदार, छगन खींचा,महेन्द्र सिंह पंवार ने बताया कि उनकी गांव की चार हजार आठ सौ बीघा भूमि पर लगातार हो रहे अवैध खनन के कारण ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इन्होंने बताया कि इसको रूकवाने के लिए कई बार विभागीय अधिकारियों एवं प्रशासन को शिकायतें कर चुके है लेकिन कार्रवाई नहीं होने के कारण खनन माफियों के हौंसले बढ़ रहे है।
पशुओं का चारागाह सिमट रहा
ग्रामीणों ने बताया कि उक्त चार हजार आठ सौ बीघा ओरण भूमि में दो दर्जन से अधिक प्रजातियों के पशु एवं जंगली जानवर स्वच्छन्द ढंग से विचरण कर रहे है लेकिन पिछले कुछ सालों से गलत ढंग से विस्फोटक सामग्री के साथ हो रहे अवैध खननों के कारण दर्जनों पालतू एवं जंगलीजानवरों को जिन्दगी से हाथ धोना पड़ रहा है।