जोधपुर

10 साल बाद फिर जगी हैण्डीक्राफ्ट फेयर की उम्मीद

- सितम्बर में फेयर आयोजन पर बनी बात- जिला निर्यात संवर्धन परिषद की बैठक
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Jan 02, 2021
10 साल बाद फिर जगी हैण्डीक्राफ्ट फेयर की उम्मीद
10 साल बाद फिर जगी हैण्डीक्राफ्ट फेयर की उम्मीद

जोधपुर. विश्व में अपने हैण्डीक्राफ्ट उत्पादों के माध्यम से धूम मचा चुका जोधपुरी हैण्डीक्राफ्ट एक बार फिर सिरमौर बनने की तैयारी में है। सनसिटी में एक दशक बाद हैण्डीक्राफ्ट का इंटरनेशनल फेयर होने की उम्मीद जगी है। इससे कोरोना महामारी से जूझ रहे हैण्डीक्राफ्ट उद्यमियों को राहत नजर आ रही है। राज्य सरकार के निर्देश पर शुक्रवार को उद्योग विभाग जयपुर के अतिरिक्त निदेशक अविन्द्र की अध्यक्षता में जिला निर्यात संवर्धन परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में हैण्डीक्राफ्ट फेयर, एक्शन प्लान, एक जिला एक उत्पाद योजना आदि पर चर्चा की गई।

कमेटी का गठन, निर्धारित करेगी फेयर की तिथि
राज्य सरकार की ओर से पहले यह फेयर मार्च में प्रस्तावित था। ब्रिटेन में कोरोना का नया स्ट्रेन आने पर विदेश से बायर्स कम आने की संभावना व इससे होने वाली अन्य परेशानियों को देखते हुए फेयर सितम्बर में कराने पर बात बनी। साथ ही फेयर की तिथि निर्धारित करने के लिए कमेटी का गठन किया, जिसमें जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ भरत दिनेश, इपीसीएच के सीओए मेम्बर हंसराज बाहेती व जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स फैडरेशन के अध्यक्ष नरेश बोथरा को शामिल किया गया है। यह कमेटी विदेशों में होने वाले अन्य फेयर्स की तिथियों को ध्यान में रखते हुए जोधपुर में फेयर की तिथि का निर्धारण करेगी।

२०१० व २०११ में हो चुका है फेयर
एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फोर हैण्डीक्राफ्ट्स (इपीसीएच) के तत्वावधान व जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के सहयोग से वर्ष २०१० व २०११ में जोधपुर में हैण्डीक्राफ्ट फर्नीचर के इंटरनेशनल फेयर कराए गए थे। जिसमें जोधपुर के निर्यातकों को अच्छा रेस्पॉंस मिला था। बाद में इपीसीएच यहां फेयर नहीं करा पाई।

इन पर भी हुई चर्चा
जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक एस.एल पालीवाल ने बताया कि फेयर के अलावा निर्यात एक्शन प्लान, वन प्रोडक्ट वन डिस्ट्रिक्ट आदि पर भी मंथन किया जा रहा है। सहायक निदेशक पूजा मेहरा ने जिला स्तरीय निर्यात एक्शन प्लान का प्रस्तुतिकरण दिया। बैठक में रीको के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक संजय झा, हस्तशिल्प विकास आयुक्त कार्यालय के सहायक निदेशक किरण वी एन, एमआइए सचिव नीलेश संचेती, जेआइए अध्यक्ष एन.के.जैन, इपीसीएच, नाबार्ड के प्रतिनिधि व उद्यमी मौजूद थे।

Updated on:
02 Jan 2021 06:26 pm
Published on:
02 Jan 2021 06:26 pm