
उन्होंने इस दौरान अधिकारियों की बैठक लेकर इस प्रा$कतिक आपदा से निपटने के लिए सभी विभागों को मिलकर सहयोग करने की अपील की।कृषि मंत्री ने इस दौरान फलोदी स्थित डाक बंगले में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि टिड्डी एक प्राकृतिक आपदा है। इससे निपटने के लिए सरकारी विभागों के साथ जनप्रतिनिधियों, किसानों, व्यापारियों व आम लोगों का सहयोग जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसान स्वयं टिड्डी नियंत्रण में सहयोग करें। इसके लिए राज्य सरकार ने किसानों को क्लोरापाइरिफॉस रसायन 50 फीसदी अनुदान पर उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की है। यह अनुदान राशि सीधे किसान के बैंक खाते में आएगी।
वाहन व संसाधन बढ़ाने के दिए निर्देश -कृषि मंत्री कटारिया ने फलोदी प्रवास के दौरान डाक बंगले में प्रशासन, राजस्व विभाग, कृषि विभाग, टिड्डी नियंत्रण संगठन व खाद-बीज विक्रेताओं की बैठक लेकर टिड्डी निययंत्रण के किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। उन्होंने टिड्डी नियंत्रण के लिए वाहनों व अन्य आवश्यक संसाधनों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर राजेन्द्रसिंह चारण, संयुक्त निदेशक, कृषि विभाग जगपालसिंह चौधरी, तहसीलदार अर्जुनदान चारण, उपनिदेशक कृषि बृजकिशोर द्विवेदी, सहायक निदेशक जीवनराम भाकर, टिड्डी चेतावनी संगठन के पवनकुमार, खाद-बीज विक्रेता संघ के अध्यक्ष ललितकुमार जांगिड़, जीएसएस आमला के अध्यक्ष दाऊराम हुड्डा आदि उपस्थित थे। उन्होंने टिड्डी के हालात व नियंत्रण कार्यों की विस्त़त जानकारी दी। बैठक में उपस्थित खाद-बीज विक्रेता संघ के अध्यक्ष ललित जांगिड़ ने फलोदी में कृषि विभाग का उपनिदेशक कार्यालय सृजित करने का आग्रह किया। (कासं)-------