
जोधपुर. प्रदेश में नवम्बर से शुरू हुआ वायु प्रदूषण दिवाली पर उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद अब काबू आने लगा है। मौसम में बदलाव के साथ सोमवार से ही प्रदेश भी बदल गई। पिछले तीन चार दिनों से उत्तरी-पूर्वी हवा के झौंके चलने से जयपुर और जोधपुर की वायु पहाड़ों जैसी हो गई है।
हवा में धूल कणों यानी पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) का स्तर लगभग १०० है। इस कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) भी पिछले दिनों की तुलना में घटकर लगभग एक तिहाई घटकर १०० के आसपास आ गया है। दिवाली के दिनों में यह ३०० से ऊपर था। जोधपुर में यह ३४० तक पहुंच गया था। अब बहती हवा ने जोधपुर-जयपुर का वातावरण उदयपुर से भी अधिक बेहतर बना दिया है। भिवाड़ी को छोडक़र प्रदेश के लगभग सभी शहरों की वायु साफ हो गई है। भिवाड़ी में भी वायु प्रदषण में कमी आई है, लेकिन गुरुवार फिर से धूल कणों का स्तर कुछ बढ़ गया था।
गौरतलब है कि अन्य वायु प्रदूषकों नाइट्रोजन व कार्बन के ऑक्साइड, अमोनिया, ओजोन, सल्फर जैसे तत्व वायु में पहले से ही कम है। केवल पीएम-१० और पीएम-२.५ के कारण ही वायु प्रदूषण हो रहा है।
एेसे पड़ा असर
दिवाली के अगले दिन से ही प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ ने असर दिखाना शुरू किया। जयपुर, भरतपुर व बीकानेर संभाग में बारिश, तेज हवा और ओलावृष्टि हुई। इसके बाद सोमवार से प्रदेश के दक्षिणी हिस्से में निचली हवाओं के चक्रवात के कारण तेज उत्तरी-पूर्वी हवा बहने लग गई। हवाओं के चक्रवात के साथ अरब सागर की नमी भी खिंच आई। इससे हवा में धूल कण खत्म होकर जलवाष्प बढ़ गई।