जोधपुर

Akshaya Tritiya 2022: शोभन, मातंग और लक्ष्मी योग में मनाई जाएगी अक्षय तृतीया ,जानिए इस दिन का क्या है महत्व

अबूझ मुहूर्त पर रहेगी सावों की धूम, स्नान-दान से मिलेगा अक्षय पुण्य
less than 1 minute read
May 01, 2022
Akshaya Tritiya 2022:  शोभन, मातंग और लक्ष्मी योग में मनाई जाएगी अक्षय तृतीया ,जानिए इस दिन का  क्या है महत्व
Akshaya Tritiya 2022: शोभन, मातंग और लक्ष्मी योग में मनाई जाएगी अक्षय तृतीया ,जानिए इस दिन का क्या है महत्व

जोधपुर. अबूझ सावे के रूप में मान्य अक्षय तृतीया ( आखातीज ) की तैयारियां तेज हो गई है । बाजार में इन दिनों तपिश के बावजूद ईद के साथ साथ सावों की खरीदारी के चलते खासी रौनक है । शनिवार को अमावस्या के दिन जिले के ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी संख्या में खरीदारों की भीड़ के चलते परकोटे के भीतरी बाजारों में यातायात बाधित रहा । आखातीज को समूचे मारवाड़ में सावों की धूम के चलते जमकर खरीदारी से वस्त्र विक्रेताओं , घरेलू आवश्यक |वस्तुएं, आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक प्रॉडक्ट, फर्नीचर विक्रेताओं के चेहरों पर भी रौनक है । अक्षय तृतीया 3 मई को है। इस दिन परशुराम जयंती भी मनाई जाएगी। ये पर्व शोभन, मातंग और लक्ष्मी योग में मनाया जाएगा। आखातीज रोहिणी नक्षत्र का संयोग होना विशेष शुभ रहेगा। ग्रहों का ऐसा शुभ संयोग करीब 50 साल बाद बन रहा है। इसके अलावा शुभ योग में अक्षय तृतीया करीब 30 साल बाद मनाई जाएगी। इस दिन मंगलवार और रोहिणी नक्षत्र होने से मंगल रोहिणी योग का निर्माण होने जा रहा है। शोभन योग इसे ज्यादा खास बना रहा है।

शुभ कामों के लिए विशेष

ज्योतिष अनीष व्यास ने बताया कि अक्षय तृतीया पर घड़ी, कलश, पंखा, छाता, चावल, दाल, घी, चीनी, फल, वस्त्र, सत्तू, ककड़ी, खरबूजा और दक्षिणा सहित धर्मस्थान या जरूरतमंदों को दान करने से अक्षय पुण्य फल मिलता है। अबूझ मुहूर्त होने के कारण नया घर बनाने की शुरुआत, गृह प्रवेश, देव प्रतिष्ठा जैसे शुभ कामों के लिए भी ये दिन विशेष माना जाता है। अक्षय तृतीया के दिन किया गया जप, तप, ज्ञान, स्नान, दान, होम आदि अक्षय रहते हैं। जल से भरे कलश पर फल रखकर दान करना बहुत ही शुभ माना जाता है।

Updated on:
01 May 2022 11:16 pm
Published on:
01 May 2022 11:16 pm