
जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन ने राज्य की अधीनस्थ और विशेष अदालतों सहित न्यायाधिकरण परिसरों में नोवल कोरोना वायरस से बचाव के मद्देनजर 31 मार्च तक केवल अत्यावश्यक प्रकृति के मामलों की ही सुनवाई करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने अधिवक्ताओं को इस अवधि तक कोट पहनने से छूट दे दी है, जबकि कोर्ट स्टाफ को एहतियात के लिए कार्यदिवस में मास्क और दस्ताने पहनने होंगे।
हाईकोर्ट ने इससे पहले 15 मार्च को अधीनस्थ अदालतों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे, लेकिन मंगलवार को मौजूदा स्थिति तथा सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श करने के बाद रजिस्ट्रार जनरल ने विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। पुलिस महानिदेशक को सभी अधीनस्थ अदालत परिसरों में जिला न्यायाधीश या पीठासीन अधिकारी से विमर्श के बाद पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मी तैनात करने को कहा गया है, ताकि प्रवेश द्वार पर आगुंतकों की संख्या को नियंत्रित रखा जा सके। राज्य सरकार को अदालत परिसर आने वाले आगुंतक के शारीरिक तापमान की जांच के लिए सभी स्थानों के लिए थर्मल गन मुहैया करवाने को कहा गया है। कोरोना से निपटने के लिए ऐसे होंगे इंतजाम ?
1. कौनसे मामलों की होगी सुनवाई
अधीनस्थ अदालतें 31 मार्च तक केवल जमानत, रिमांड, निषेधाज्ञा तथा सुपुर्दगी के प्रार्थना पत्रों की सुनवाई करेगी। मृत्यु उद्घोषणा तथा सीआरपीसी की धारा 164 के बयान सहित पीठासीन अधिकारी द्वारा तय किए जाने पर ही कोई अन्य अत्यावश्यक मामला सुना जाएगा। शेष मामलों की सुनवाई टल जाएगी और उनकी नई तिथि सॉफ्टवेयर पर अपडेट कर दी जाएगी। मामले दायर करने पर रोक नहीं रहेगी। यदि कोर्ट द्वारा किसी पक्षकार की उपस्थिति अपेक्षित की गई है, तब वह अधिवक्ता के साथ पेश हो सकेगा। अन्यथा व्यक्तिगत उपस्थिति पर जोर नहीं दिया जाएगा।
2. किन गतिविधियों पर रोक रहेगी
जहां तक संभव हो, ज्यादा भीड़भाड़ की उपेक्षा करने को कहा गया है। अदालत परिसर में लोगों को इक_ा करने वाले किसी आयोजन या कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जाएगी। विधि छात्र तथा इंटर्न के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। केवल अत्यावश्यक मामलों में ही मीडिएशन होगा।
3. किसको क्या एहतियात बरतनी होगी
सभी कोर्ट रूम और कार्यालयों में अधिवक्ता, पक्षकार और स्टाफ के लिए हैंड सैनिटाइजर उपलब्ध करवाया जाएगा। कोर्ट स्टाफ को मास्क और दस्ताने पहनने होंगे। अधिवक्ता भी मास्क पहनकर आ सकेंगे और 31 मार्च तक उन्हें कोट पहनने से छूट रहेगी। सभी कोर्ट रूम, कार्यालय, टेबल-कुर्सी, रेलिंग तथा दरवाजों का दिन में कम से कम दो बार एक प्रतिशत हाइपोक्लोराइड से कीटाणुशोधन किया जाएगा। अदालत परिसरों में केंटीन और खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक, लेकिन पेयजल व्यवस्था सुचारू रहेेगी।
4. कौन करेगा मॉनिटरिंग
हाईकोर्ट प्रशासन ने अधीनस्थ अदालतों में कोरोना वायरस से बचाव के उपायों की मॉनिटरिंग के लिए सभी अदालत परिसरों के लिए एक कमेटी गठित की है। इसमें एक न्यायिक अधिकारी, बार एसोसिएशन का अध्यक्ष तथा एक वरिष्ठ कोर्ट स्टाफ सम्मिलित होगा। यह कमेटी प्रत्येक दिन की स्थिति को मॉनिटर करेगी और निर्देशों की पालना सुनिश्चित करते हुए उचित कदम उठाएगी।