
भोपालगढ़. आसोप कस्बे में किसानों से कपास की उपज खरीदने के लिए पीपाड़ कृषि उपज मंडी की ओर से स्थापित गौण मंडी यार्ड में कपास बेचने के लिए ग्रामीण इलाकों से किसानों की तो भीड़ उमड़ रही है। लेकिन दूसरी ओर किसानों से उनकी उपज के खरीददार नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में किसान यहां दिन भर बैठे खरीदारों का इंतजार करते रहते हैं। वहीं शनिवार को भी कुछ व्यापारियों के पांच-सात किसानों से खरीद करने के बाद बोली बीच में छोड़कर चले जाने एवं अधिकांश व्यापारियों से खरीद नहीं किए जाने से नाराज किसानों ने मंडी यार्ड प्रांगण में विरोध-प्रदर्शन किया और उपज खरीदने की उचित व्यवस्था करने की मांग की। बाद में देर रात इन किसानों व व्यापारियों को साथ बिठाकर इनसे समझाइश की गई। अब सोमवार से विधिवत तुलाई की व्यवस्था होगी।
वहीं पिछले कुछ वर्षों से आसोप कस्बे में कपास की जिनिंग फैक्ट्रीयां लगने के बाद आसपास ग्रामीण इलाकों के किसान अपनी कपास की उपज बेचने आसोप जाते रहे हैं। जिसके चलते कुछ समय पूर्व पीपाड़ कृषि उपज मंडी की ओर से आसोप में गौण मंडी की स्थापना की थी। जहां पर सरकारी देखरेख में किसानों से स्थानीय व्यापारी कपास की उपज खरीदने का काम करते हैं। जिसके चलते भोपालगढ़ क्षेत्र ही नहीं बल्कि खींवसर, मूंडवा, मेड़ता व बावड़ी आदि इलाकों से भी किसान कपास की उपज बेचने के लिए आसोप मंडी में आते हैं।
आवक खूब, खरीदार नहीं
आसोप में स्थित गौण कृषि मंडी में कपास की उपज बेचने के लिए रोजाना करीब 50-60 ट्रैक्टर ट्रॉली में भरकर कपास की उपज यहां पहुंचती है। लेकिन किसानों से उपज की खरीदारी करने के लिए पर्याप्त व्यापारी और खरीदार ही नहीं मिल रहे हैं। यहां दो-तीन व्यापारी आते हैं और 5-7 ट्रैक्टर ट्रॉली में भरी उपज खरीदकर चले जाते हैं।
किसानों का प्रदर्शन
किसानों से कपास की उपज नहीं खरीदे जाने एवं दो-दो, तीन-तीन दिनों तक किसानों के यहां खड़े खरीदारों के आने का इंतजार करने के साथ यहां आए व्यापारियों के दो-चार किसानों से उपज खरीदने के बाद बोली बीच में छोड़कर चले जाने से नाराज किसानों ने शनिवार को दोपहर बाद आसोप गौण कृषि मंडी प्रांगण में जमकर नारेबाजी एवं विरोध प्रदर्शन किया और मंडी प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपकर कपास की उपज खरीदने के लिए अधिकाधिक व्यापारियों को बुलाने की मांग की। वहीं व्यापारियों का कहना है कि समय पर पर्याप्त पैसा नहीं मिल पाने से वे ज्यादा उपज नहीं खरीद पाते हैं। बाद में देर शाम को किसानों एवं व्यापारियों के बीच समझौता वार्ता शुरु की गई और देर रात दोनों पक्षों में यथासंभव अधिकाधिक खरीद करने की बात पर मामला शांत हुआ।
अब होगी व्यवस्थित खरीद
कुछ व्यापारियों के खरीद के लिए समुचित पैसा नहीं होने की बात कहकर बीच में बोली छोड़कर जाने से किसान नाराज हो गए औरप्रदर्शन किया। अब सोमवार से व्यवस्थित तरीके से कपास खरीद की जाएगी तथा व्यापारी भी बोली में शामिल होंगें। - परसराम कटाणिया, प्रतिनिधि, पीपाड़ कृषि मंडी।