
जोधपुर. देश के विभिन्न स्थानों पर हर साल होने वाली सेना भर्ती रैली में कोई न कोई दलाल पकड़े जाने, सेवानिवृत्त सैनिकों की मिलीभगत सामने आने और प्रश्न पत्र लीक के कुछ मामले सामने आने बाद अब आर्मी ने इसके विरुद्ध जीरो टोलरेंस नीति अपनाई है। आर्मी की दक्षिणी कमान ने अपने सभी स्टेशन कमाण्डर्स को इस तरह के मामलों को गंभीरता से लेने के साथ त्वरित निपटान के निर्देश दिए हैं। आर्मी ने सभी अधिकारियों को पुलिस के साथ विशेष तौर से सहयोग करने की बात कही है ताकि भर्ती रैली में गड़बडिय़ों की पुनरावृत्तियों को रोका जा सके और मामले का निपटारा जल्द हो सके।
उदयपुर में भी दलाल पकड़े गए, पुणे में पेपर लीक
आर्मी की ओर से फरवरी में देशभर में कॉमन एंट्रेंस एग्जाम के समय पुणे में पेपर लीक हो गया। इस मामले में हाल ही में एक सेवारत लेफ्टिनेंट कर्नल को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा मेजर रैंक के दो अधिकारी, एक क्लर्क, चार सेवानिवृत्त सैनिक और कुछ सिविलियन को पकड़ा। फरवरी में ही उदयपुर में ही हुई सेना भर्ती रैली में अभ्यर्थियों को मेडिकल परीक्षा में प्रवेश का झांसा देकर 10 हजार रुपए लेते हुए दलालों को रंगे हाथों पकड़ा। इसका भी कनेक्शन सीकर स्थित पूर्व सैनिक से सामने आया।
जोधपुर व कोटा में होनी है लिखित परीक्षा
लॉकडाउन के कारण आर्मी ने 25 अप्रेल को जोधपुर व कोटा में होने वाली लिखित परीक्षा टाल दी थी। अब आगामी दिनों सैनिक जीडी, सैनिक तकनीशियन, सैनिक क्लर्क एसकेटी और सैनिक ट्रेडमैन जैसे पदों के लिए होगी। परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए सेना अब विशेष इंतजाम करेगी। उधर आगामी दिनों में अजमेर में भर्ती रैली भी आयोजित की जाएगी।
दलाल व शुत्रओं के झांसे नहीं आए युवा
आर्मी की दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (जीओसी इन सी) लेफ्टिनेंट जनरल जेएस नैन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सभी उम्मीदवार दलालों और शत्रु तत्वों के नापाक मंसूबों का शिकार नहीं होवे। भर्ती प्रणाली को साफ और पारदर्शी रखने के लिए सेना का सहयोग करें। जोधपुर भी आर्मी की दक्षिणी कमान में आता है।