
जोधपुर.
सेक्सटॉर्शन करने में सक्रिय गैंग पीडि़त को उसी के सोशल मीडिया आइडी के जरिए ब्लैकमेल करती है। फेसबुक पर अनजान व्यक्ति की फ्रेण्ड रिक्वेस्ट स्वीकार करते ही गिरोह को न सिर्फ घर व रिश्तेदारों के बारे में पता लग जाता है, बल्कि फेसबुक पर अपलोड निजी जानकारी भी हासिल कर लेते हैं। अश्लील वीडियो बनाने के बाद गैंग इन्हीं लोगों को वीडियो भेजने की धमकी देकर ब्लैकमेल करते हैं।
आसानी से पता लगता है कौन रिश्तेदार और कौन मित्र
पुलिस कमिश्नर जोस मोहन का कहना है कि सेक्सटॉर्शन करने वाली गैंग युवती के नाम से किसी व्यक्ति को फेसबुक पर फ्रेण्ड रिक्वेस्ट भेजते हैं। फेसबुक की फ्रेण्ड लिस्ट में मित्रों के साथ-साथ घरवाले व रिश्तेदार भी जुड़े होते हैं। उस व्यक्ति की प्रोफाइल से घरवालों का आसानी से पता लग जाता है। फिर गैंग मैसेंजर के जरिए चैट शुरू करते हैं और व्हॉट्सऐप नम्बर हासिल कर वीडियो कॉल करते हैं। वीडियो कॉल करते ही सामने से कोई व्यक्ति अश्लील या नग्न हालत में होता है। वह पीडि़त व्यक्ति के साथ यह वीडियो रिकॉर्ड कर लेता है और घरवाले, रिश्तेदार व मित्रों को वायरल करने की धमकी देकर मोटी रकम की मांग करते हैं।
सावधान रहें, अनजान की फ्रेण्ड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें
पुलिस का कहना है कि फेसबुक पर आने वाली अनजान व्यक्ति की फ्रेण्ड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें। यदि वह कोई युवती या महिला है तो और भी सावधानी बरतने की जरूरत है। पूरी तरह तस्दीक करने के बाद ही ऐसी फ्रेण्ड रिक्वेट स्वीकार करें। यदि रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली है तो चैट या वीडियो कॉल के दौरान सावधानी बरतें।