
जोधपुर। नाबालिग छात्रा से जुड़े मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। 20 दिन की मेडिकल पैरोल खत्म होने के बाद निर्धारित समय पर जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर नहीं करने के मामले में पुलिस ने उसके खिलाफ नया मुकदमा दर्ज किया है। मंगलवार रात एयर एंबुलेंस से जोधपुर पहुंचने के बाद आसाराम जेल गया, लेकिन रात में बंदियों के प्रवेश से जुड़े नियमों का हवाला देते हुए जेल प्रशासन ने उसे अंदर लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसे भगत की कोठी स्थित आरोग्यम हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उसने रात बिताई। बुधवार सुबह करीब 9:45 बजे आसाराम ने जेल में सरेंडर कर दिया।
राजस्थान हाईकोर्ट ने 6 अक्टूबर को आसाराम को 20 दिन की पैरोल दी थी। इसकी अवधि 26 अक्टूबर को समाप्त हो गई थी। पैरोल की अवधि बढ़ाने के लिए आसाराम की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने पैरोल बढ़ाने से इनकार करते हुए उसे निर्धारित समय पर जेल में सरेंडर करने का निर्देश दिया।
उस समय आसाराम की तबीयत खराब होने के कारण वह उज्जैन में था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उसे एयर एंबुलेंस से जोधपुर लाया गया। मंगलवार रात करीब 10:15 बजे उसके जोधपुर पहुंचने की जानकारी सामने आई। इसके बाद वह रात करीब 10:45 बजे केंद्रीय कारागृह पहुंचा। हालांकि, सरेंडर की निर्धारित समय-सीमा शाम 5 बजे थी। इस तरह वह करीब छह घंटे की देरी से जेल पहुंचा।
देर रात जेल पहुंचने पर आसाराम को प्रवेश नहीं दिया गया। इसके बाद उसके साथ आए लोग उसे भगत की कोठी स्थित आरोग्यम हॉस्पिटल ले गए। वह पूरी रात अस्पताल में रहा और बुधवार सुबह जेल पहुंचकर सरेंडर किया। इस घटनाक्रम के बीच समय पर जेल नहीं पहुंचने का मामला पुलिस तक पहुंच गया। रातानाडा थाना पुलिस ने जेल प्रहरी बनवारीलाल की रिपोर्ट के आधार पर आसाराम के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, 27 अक्टूबर को दर्ज प्रकरण संख्या 206/26 में कारागार अधिनियम की धारा 58(ख) के तहत कार्रवाई की गई है। मामले की जांच सहायक उपनिरीक्षक भवानी सिंह को सौंपी गई है। इस प्रावधान के तहत तीन साल तक की सजा या आर्थिक दंड का प्रावधान बताया गया है। पुलिस अब निर्धारित समय पर सरेंडर नहीं करने से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।