
अभिषेक बिस्सा/जोधपुर. पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत ने बुधवार को कायलाना स्थित एक होटल में जोधपुर दौरे के दूसरे दिन देहात कांग्रेस के दिवाली स्नेह मिलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस में टिकट बिकने के भाजपा के बयान पर गहलोत ने पलटवार करते हुए कहा कि वे बोलेंगे तो बोलती बंद हो जाएगी। उन्होंने कहा कि राजे के मुख्यमंत्री रहते जिला प्रमुख, यूआईटी चेयरमैन समेत कई पद बिके हैं। इस मौके पर गहलोत ने देहात कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनमें जोश फूंका।
गहलोत ने कहा कि आजादी के बाद बिजली क्या होती है, ये लोग नहीं समझते थे। सभी जगह बिजली पहुंचाने का कार्य कांग्रेस ने किया। पीएम नरेंद्र मोदी ऐसी बातें कर रहे हैं, जैसे आकाश से तारे तोड़ लाए हो। इस दौरान गहलोत ने महंगाई व नोटबंदी को लेकर मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कभी देश मे दो जनों ने राज नहीं किया, लेकिन पीएम मोदी व अमित शाह राज कर रहे हैं। असत्य बोलने वाले प्रधानमंत्री को जनता बर्दास्त नहीं करेगी। कार्यक्रम में देहात जिलाध्यक्ष हीराराम मेघवाल, पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़, लीला मदेरणा, पूर्व विधायक कालूलाल आर्य व उम्मेद सिंह सहित कई कांग्रेसजन मौजूद थे। कार्यक्रम में फ लोदी, लूनी, ओसियां, भोपालगढ़, शेरगढ़, लोहावट व बिलाड़ा विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं ने गहलोत से मुलाकात की। कइयों ने अपना शक्ति प्रदर्शन किया। कई कार्यकर्ता दूसरे जिले से भी आए। गहलोत गुरुवार को वायुमार्ग से जोधपुर से दिल्ली पहुंचे।
यूं समझें गहलोत के सियासी दौरे को
1. तेवर : कुर्सी से उठ गहलोत ने समझाया समर्थकों को
गहलोत के संबोधन से पहले टिकटार्थियों के समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस बीच गहलोत ने अपनी कुर्सी छोड़ समर्थकों को जाकर समझाया और उन्हें पीछे कुर्सियों पर बैठने व शांत रहने का आग्रह किया। फिर भी गहलोत के संबोधन के दौरान भी टिकटार्थियों के कुछ समर्थक नारेबाजी करते रहे। मंच से भी गहलोत ने समझाने के लिहाज से कहा कि जिसकी ज्यादा नारेबाजी होगी, उसके नम्बर कटेंगे।
2. मोटिवेशन : लोस चुनाव के लिए मेरा नाम भेजा, पार्टी का आदेश माना
गहलोत ने कहा कि वे स्कूल के चुनाव में चार, कॉलेज में 4 सौ व विधानसभा के चुनाव में 4 हजार वोटों से हारे थे। 1979 में परसराम मदेरणा, रामसिंह विश्नोई व खेतसिंह राठौड़ ने लोकसभा चुनाव के लिए मेरे नाम का प्रस्ताव भेजा। मैंने चुनाव लड़ा और जीत गया। फिर भी उनकी इच्छा रही कि वे विधायक बने और बन भी गए, अब आप देख लो, आपके सामने खड़ा हूं।
3. बयान : सोशल मीडिया बेलगाम घोड़ा
गहलोत ने कहा कि सोशल मीडिया बेलगाम घोड़ा है। कांग्रेस व राहुल गांधी के परिवार को बदनाम किया जाता है। जिसमें बिल्कुल सच्चाई नहीं है। आजकल तो मोदी पर भी सोशल मीडिया पर बातें होनी लगी हैं।
4. फोकस : पूरे देश की निगाहें राजस्थान पर
मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, मिजोरम व तेलंगाना में भी चुनाव हैं। लेकिन सभी की निगाहें राजस्थान पर है। सभी को लग रहा है कि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनेगी और हम बनाएंगे। हालांकि हम सभी जगह सरकार बनाएंगे।
5. नसीहत : टिकट वितरण से पहले टिकटार्थियों को पढ़ाया पाठ
टिकट वितरण से पहले गहलोत ने जोधपुर जिले की 10 विधानसभा सीटों के कार्यकर्ताओं को पार्टी की सेवा के साथ टिकट मिलने वाले उम्मीदवार का सहयोग करने का पाठ पढ़ाया। वे बार-बार यही कहते रहे कि एक सीट से टिकट तो एक को ही मिल सकता है, दो को नहीं। उन्होंने कहा कि जिसे भी टिकट मिले, सभी उसका सहयोग करें। सभी के सहयोग से ही कांग्रेस सत्ता में वापसी करेगी। दो दिवसीय दौरे में गहलोत ने पहले संबोधन और फि र कायलाना स्थित होटल के गेट पर डेढ़-दो घंटे तक कार्यकताओं को यही नसीहत दी। उन्होंने दिवाली स्नेह मिलन के साथ कार्यकर्ताओं की भावनाएं भी सुनी। गहलोत कार्यकर्ताओं को नोटबंदी और राफेल के मुद्दे पर भाजपा को घेरने का पाठ पढ़ाते नजर आए।