
जोधपुर.बहुचर्चित एएनएम भंवरीदेवी अपहरण और हत्या के हाईप्रोफाइल मामले की हर खबर जानने के लिए लोग उत्सुक रहते हैं। हालांकि इस केस को आठ साल हो गए हैं और इस केस की खबर कभी कभी ही आती है, लेकिन जब-जब अदालत में केस की सुनवाई होती है, तब -तब लोग इसकी अपडेट खबर जानना चाहते हैं।
बहुचर्चित एएनएम भंवरीदेवी अपहरण और हत्या के हाईप्रोफाइल मामले में अनुसूचित जाति जनजाति के विशिष्ट न्यायालय के पीठासीन अधिकारी अनिमा दाधिच के समक्ष जिरह हुई। पिछले आठ वर्षों से चल रहे भंवरीदेवी के अपहरण और हत्या के मामले के मुख्य अनुसंधानकर्ता और मामले की दो चार्जशीट पेश करने वाले सीबीआई के डीआईजी राकेश राठी से सोमवार को जिरह पूरी कर ली गई। गौरतलब है कि राकेश राठी से इस वर्ष 22 फरवरी से आरोपियों के अधिवक्ता जिरह कर रहे थे। पूर्व विधायक मलखानसिंह विश्नोई की ओर से अधिवक्ता संजय विश्नोई ने जिरह के दौरान राठी से चार्जशीट के संबंध में कई आपत्तियों पर जिरह की।
जिरह के दौरान सीबीआई के अधिवक्ता मुंबई के एेजाज खान तथा अन्य अधिवक्ता उपस्थित थे। वहीं पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच पूर्व जलदाय मंत्री महिपाल मदेरणा, शहाबुद्दीन, इंद्रा तथा भँवरी के पति अमरचंद सहित 11 आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। मंगलवार को सीबीआई इंस्पेक्टर और इस मामले के दूसरे अनुसंधान अधिकारी विशाल से जिरह की जाएगी।
पांच हजार पन्नों की चार्टशीट
जोधपुर के जिले के बोरुंदा कस्बे की निवासी एएनएम भंवरी देवी की एक सितंबर 2011 को भंवरी के पति अमरचंद ने गुमशुदगी दर्ज करवाई थी, बाद में पांच सितंबर को अपहरण का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरूकी गई। जोधपुर के तत्कालीन आईजी उमेश मिश्रा की निगरानी में भंवरीदेवी की तलाश शुरू हुई थी। इस बीच कामयाबी नहीं मिलने पर उसी वर्ष 11अक्टूबर को सीबीआई में एफआईआर दर्ज की गई थी। सीबीआई के तत्कालीन एसपी राकेश राठी के नेतृत्व में एक टीम ने पूरे मामले का अनुसंधान किया था। सीबीआई ने पांच हजार पन्नों की मुख्य चार्टशीट कोर्ट में पेश की थी।