जोधपुर

कतार में कट रही है जिन्दगी, कब मिलेगी कतार से आजादी ?

-जीवन के हर मोड़ पर कतार ही कतार
2 min read
Aug 15, 2018
Big Problem is the Queue, When will freedom from queue?
कतार में कट रही है जिन्दगी, कब मिलेगी कतार से आजादी ?

-अस्पताल से लेकर हर सरकारी कार्यालय में सालता है कतार का दर्द
जोधपुर.
दौर भले ही डिजिटल इण्डिया का है, लेकिन आज भी अधिकतर जगहों पर लोगों का जीवन कतार में ही कट रहा है। अस्पताल, बैंक, रेलवे व बस स्टेशन टिकट खिड़की, परिवहन कार्यालय, स्कूल-कॉलेज में एडमिशन, नगर निगम, पानी-बिजली के बिल जमा केन्द्र, राशन की दुकान, पेट्रोल पम्प पर आए दिन हमें कतार में लगना पड़ता है। सरकारी अस्पतालों का तो बहुत बुरा हाल है, एक मरीज को चिकित्सक से परामर्श के लिए रजिस्ट्रेशन से लेकर दवा खरीदने तक पांच बार कतार से जूझना पड़ रहा है। देश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान यानि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान(एम्स) में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हो रहा है, लेकिन यहां भी हर सुबह सैकड़ों लोग आठ से दस कतार में लगे दिखाई देते हंै। बड़ा सवाल यह है कि आखिर यह कतार का दर्द कब तक हमें सालता रहेगा।

कहां-कितनी कतार (संख्या प्रतिदिन औसत)-
-4000 लोग जोधपुर के एमडीएम अस्पताल ओपीडी में रजिस्ट्रेशन व चिकित्सक परामर्श के लिए 4 घंटे तक लगते हैं कतार में
-1000 मरीज उम्मेद अस्पताल ओपीडी में रजिस्ट्रेशन व चिकित्सक परामर्श के लिए लगभग 2 घंटे तक के लिए लगते हैं कतार में
-600 मरीज महात्मा गांधी अस्पताल ओपीडी में रजिस्ट्रेशन व चिकित्सक को दिखाने के लिए लगते हैं कतार में
-2000 लोग एम्स अस्पताल ओपीडी में रजिस्ट्रेशन व चिकित्सक परामर्श के लिए 3 घंटे तक कतार में
-1000 यात्री बस स्टेण्ड पर टिकिट के लिए 30 मिनट तक लगते हैं कतार में
-200 लोग परिवहन कार्यालय मेंं लाइसेंस आदि के लिए 1 घंटे तक कतार में लगते हैं।
-60 लोग प्रतिदिन जन्म-मृत्यु व विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र के लिए नगर निगम में एक घंटे तक लगते हैं कतार में

इसलिए लगती है कतार-
-अधिकारी व कर्मचारी पूरी निष्ठा व निर्धारित समय पर अपना काम नहीं करते।
-ऑनलाइन सुविधा होने के बावजूद लोग कई काम मैन्युअली ही कर रहे हैं, इसलिए हर जगह कतार के हालात बन रहे हैं।

-सरकारी अस्पतालों में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन या चिकित्सक परामर्श की व्यवस्था सुव्यवस्थित नहीं है।


क्या है समाधान-
-अधिकारी व कर्मचारी, अपनी ड्यूटी के प्रति पूरी जवाबदेही बरतें और समय से पहले अपना काम शुरू कर दें।
-अस्पतालों व बैंकों को ऑनलाइन सेवा को अधिक से अधिक बढ़ावा देना चाहिए।

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सरकारी अस्पतालों मेंं अच्छे इलाज व चिकित्सकों के काम के कारण कतार लग रही है। फिर भी मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध चिकित्सालयों में मरीजों की सुविधा व कतार से राहत देने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की जाएगी।
-डॉ. एस.एस. राठौड़, प्राचार्य, एसएन मेडिकल कॉलेज, जोधपुर

Published on:
15 Aug 2018 07:11 am