
जोधपुर।
पूर्व महापौर घनश्याम ओझा ने ऊर्जामंत्री डॉ बीडी कल्ला को पत्र लिखकर शनिवार को राजस्थान पत्रिका में छपी खबर 'सरकार खरीद रही 18 रुपए प्रति यूनिट बिजली' पर दुख व आश्चर्य प्रकट किया है। उन्होंने उर्जामंत्री को लिखा कि पूर्व मे प्रदेश के सभी निकाय अपने क्षेत्रों मे कचरे से बिजली बनाने के अभियान पर कार्य कर रहे थे। इसमें से जोधपुर, जयपुर, कोटा व उदयपुर नगर निगमों ने निविदा के माध्यम से निवेशकों से अपने निगम क्षेत्र में निवेशकों की स्वयं की राशि से बिजली उत्पादन के लिए संयंत्र लगाने का आदेश जारी कर चुके है। निविदा की शर्त के मुताबिक इन शहरों में कचरे से उत्पादित बिजली सरकार को 7.71 रुपए प्रति यूनिट खरीदनी है। इसके लिए राज्य सरकार स्तर पर संवेदक व राज्य सरकार के बीच पॉवर पर्चेस एग्रीमेन्ट हस्ताक्षर होना है, जो लम्बे समय से लम्बित है। सरकार की दोहरी नीतिओझा ने लिखा कि एक तरफ सरकार 18 रुपए प्रति यूनिट बिजली खरीद रही है, दूसरी तरफ 7.71 रुपए प्रति यूनिट के एग्रीमेन्ट पर हस्ताक्षर नहीं कर रही है। उन्होंने लिखा कि अगर सरकार इन निवेशकों से करार करती है तो राज्य में बिजली की उत्पादन क्षमता बढेगी, निकायों को रायल्टी के रूप में आय होगी व शहर का कचरा भी निस्तारित होगा, इससे पर्यावरण शुद्धि में सहायता मिलेगी। उन्होंने सरकार से कचरे से बिजली बनाने की योजना को मूर्त रूप देने की मांग की।