जोधपुर

सरहदें हारीं, रिश्ते जीते: लड़का जोधपुर का और लड़की पाकिस्तान की, नेपाल में ब्याह रचा, 10 महीने बाद आई दुल्हन

सरहदों की पाबंदी आखिर अटूट प्रेम के आगे झुक गई। 15 साल लंबे इंतजार और कड़े संघर्ष के बाद पाकिस्तानी दुल्हन आखिरकार अपने ससुराल हिंदुस्तान पहुंच गई है।
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Updated: 19 Apr 2026, 11:13 AM IST
Borders lost love won Jodhpur boy marries Pakistani girl in Nepal bride arrives after 10 months
पाकिस्तान से जोधपुर आई दुल्हन का जोधपुर पहुंचने पर परिवार ने स्वागत किया (फोटो- पत्रिका) 

जोधपुर: जोधपुर के एक परिवार के लिए यह दिन किसी सपने के सच होने जैसा है। वर्ष 2011 में पाकिस्तान से भारत आकर जोधपुर के पाल क्षेत्र में बसे इस परिवार ने करीब 15 साल तक जिस मिलन का इंतजार किया, वह आखिरकार पूरा हुआ। घर की बहू रक्षा सुथार के गृह प्रवेश के साथ ही परिवार में भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा।

दरअसल, परिवार के बेटे अमित सुथार की सगाई वर्षों पहले पाकिस्तान में ही उनके दादाजी और परिजनों ने तय की थी। इसके बाद 2011 में अमित और उनके पिता प्रदीप सुथार का परिवार जोधपुर आ गया।

भारत-पाकिस्तान के बीच वीजा संबंधी जटिलताओं ने इस रिश्ते को लंबे समय तक अधूरा रखा। हर बार कोशिश के बावजूद वीजा नहीं मिल पाने से दोनों परिवारों की उम्मीदें टूटती रहीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अमित वर्तमान में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और रक्षा ने पाकिस्तान में एमबीबीएस की है।

फिर नेपाल जाकर शादी

आखिरकार विवाह संपन्न कराने के लिए एक अनोखा रास्ता निकाला गया। दूल्हा पक्ष भारत से नेपाल के काठमांडू पहुंचा। वहीं, दुल्हन पक्ष पाकिस्तान से नेपाल आया।

सरहदों के बीच फंसे इस रिश्ते ने 2 जून, 2025 को नेपाल की धरती पर सात फेरे लेकर एक नई शुरुआत की। लेकिन इसके बाद भी दुल्हन अपने ससुराल नहीं आ सकी। विवाह के बाद दूल्हा जोधपुर लौट आया, जबकि दुल्हन को फिर से पाकिस्तान जाना पड़ा।

10 महीने संघर्ष के बाद रक्षा आई हिंदुस्तान

विवाह के बाद भी असली संघर्ष खत्म नहीं हुआ था। बहू रक्षा सुथार को भारत लाने के लिए परिवार ने लगातार प्रयास किए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के सहयोग से वीजा प्रक्रिया में राहत मिली।

आवश्यक दस्तावेजों और लंबी प्रक्रिया के बाद रक्षा को 45 दिन का विजिटर वीजा मिला और वह अपने ससुराल पहुंच सकीं। जैसे ही रक्षा सुथार ने पाल गांव में गृह प्रवेश किया, पूरे परिवार में खुशी का माहौल बन गया।

वर्षों की दूरी, इंतजार और संघर्ष के बाद यह मिलन हर किसी की आंखें नम कर गया। पाक विस्थापितों के लिए संघर्ष करने वाले गणेश बिजाणी ने बताया कि विजिटर वीजा के बाद उन्हें लॉन्ग टर्म वीजा का प्रयास किया जाएगा।

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19 Apr 2026, 11:13 AM IST
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