
तकनीकी शिक्षकों को साठ साल की उम्र में सेवानिवृत्त करने के प्रावधान को चुनौती
याचिकाकर्ता को अगली सुनवाई तक सेवानिवृृत्त नहीं करने के निर्देश
जोधपुर. एमबीएम विश्वविद्यालय में तकनीकी शिक्षकों को साठ साल की उम्र में सेवानिवृत्त करने के प्रावधान को चुनौती दी गई है। राजस्थान हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक एक याचिकाकर्ता को पद से सेवानिवृत्त नहीं करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायाधीश संदीप मेहता तथा न्यायाधीश राजेंद्र प्रकाश सोनी की खंडपीठ में याचिकाकर्ता सुनील शर्मा की ओर से अधिवक्ता मुक्तेश माहेश्वरी ने कहा एमबीएम विश्वविद्यालय अधिनियम, 2021 की धारा 31 में निहित प्रावधान एआईसीटीई अधिनियम और एआईसीटीई विनियमों का उल्लंघन करते हैंं। इस धारा में तकनीकी शिक्षा प्रदान करने वाले शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष निर्धारित की गई है, जबकि एआईसीटीई विनियमों के मुताबिक तकनीकी शिक्षा प्रदान करने वाले शिक्षकों की उम्र 65 वर्ष है। याचिकाकर्ता की उम्र 60 वर्ष हैं, जिन्हें 65 वर्ष से पहले ही सेवानिवृत्त कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में अनुभवी संकाय सदस्यों की पहले ही कमी है। कोर्ट ने माना कि विश्वविद्यालय पहले ही अनुभवी शिक्षकों की कमी का सामना कर रहा है और यदि याचिकाकर्ता को 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर सेवानिवृत्त किया जाता तो उनके पद को भरना कठिन कार्य होगा। इसे देखते हुए अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ताओं को उनके पद से सेवानिवृत्त नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।