
फलोदी (जोधपुर). दूसरा दशक परियोजना द्वारा एचजी इन्फ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड, जयपुर व स्थानीय सहयोग से नई सडक़ स्थित भट्टड़ों का टांका में सोमवार को दो दिवसीय विज्ञान मेले का आगाज हुआ। मेले में पहले दिन करीब 15 सौ से ज्यादा विद्यार्थियों ने भाग लिया। मेले में कृत्रिम बादलों की सैर, ऊंट की सवारी व 6 वर्षीय तनिष द्वारा तैयार दिमागी एकाग्रता पर आधारित मॉडल आकर्षण रहे।
समझी मॉडलों की कार्यप्रणाली
विज्ञान मेले में चितौडगढ़़ के शिक्षक डॉ. मोहम्मद यासीन व राहुल धाकड़ ने लिक्विड नाइट्रोजन की मदद से ताजे फूलों को कुछ सैकण्ड में सुखाकर पाउडर बनाने, अनब्रेकेबल रबड़ के टुकड़े-टुकड़े करने, बिना आग पर रखे कू कर की सिटीयां बजाई। डॉ. यासीन ने पानी के साथ लिक्विड नाइट्रोजन की क्रिया करवाकर कृत्रिम बादल बनाकर दिखाए। जिससे बच्चे रोमांचित हो उठे।
बीकानेर के डॉ. मोहम्मद फारुख व राकेश शर्मा ने जीभ से त्रिशूल आर-पार करने, बिना माचिस आग जलाने, नारियल में आग लगाने सहित विभिन्न चमत्कारों की वैज्ञानिक व्याख्या करके बताए। इस मौके कृषि विज्ञान केन्द्र के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. एमएस चान्दावत, शिक्षाविद् यागचन्द्र नागल, एचजीआईएल के ओमेश बोहरा, कनुभारती गोस्वामी, हेतराम, योगेश,कमलेश, इकबाल, अणदाराम आदि उपस्थित रहे।
बच्चों प्रस्तुत किए मॉडल
मेले में मॉडल स्कू ल द्वारा हृदय की कार्यप्रणाली, स्ट्रीट लाइट, हृदय की बामारियां व सावधानियां, स्टीम पावर, विद्या भारती द्वारा ज्वालामुखी, जल शुद्धिकरण, सिटी मोंटेसरी द्वारा फर्श साफ की मशीन, वाटर ऑवर फ्लो अलार्म, क्यूरियस किड्स द्वारा सेंसर गेम, राउमावि नूरे की भुर्ज द्वारा लिफ्ट व जेसीबी, राबाउप्रावि कालू खां की ढाणी द्वारा कै्रन, राबाउमावि एसएमबी द्वारा डीएनए, ग्लोबल वार्मिंग, रेन्बो स्कू ल द्वारा सिटी पॉल्यूसन, पानी से बिजली बनाने, ज्वालामुखी सहित 15 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने 19 स्टॉल लगाकर मॉडल का प्रदर्शन किया।
इस दौरान ओरीगेमी, चित्रकला, ओपन बोर्ड, अनन्त प्रतिबिंब, कैनाल मॉडल, सोलर कू कर आदि का प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित बजरंगलाल सोनी के नेतृत्व में छह विद्यार्थियों की टीम ने मॉडल प्रस्तुत किए। फोटो प्रदर्शनी भी लगाई गई।