
रणवीर चौधरी/जोधपुर. पाक विस्थापितों की भारतीय नागरिकता के लिए पिछले लम्बे समय से चली आ रही प्रक्रिया व राजनीतिक खींचतान अब नए मोड़ पर आ गई है। अब श्रेय लेने के लिए किसी प्रकार के शिविर का इंतजार करने की बजाय डाक से या व्यक्तिश: बुला कर संबंधित लोगों को नागरिकता के दस्तावेज सौंपे जा रहे हैं। अब ऐसे 800 प्रकरण जिनमें कुछ कमियां सामने आई थी, उनको भी पूरा करने के लिए बुधवार से तीन दिवसीय विशेष कैम्प लगाया जाएगा।
चुनाव से पहले भारतीय नागरिकता देने का मामला राजनीतिक रंग ले चुका था। एक बार जिला प्रशासन ने अपने स्तर पर शिविर लगाकर नागरिकता बांटी तो इसके बाद राज्य सरकार ने नागरिकता के लिए बड़ा शिविर लगाकर श्रेय लेने के लिए अधिकारियों की परेड करवा दी। लेकिन अब सरकार बदली और प्रशासनिक अमला अपने तरीके से काम करने में जुट गया। जिला प्रशासन अब अफगानिस्तान, पाकिस्तान व बांग्लादेश के अल्पसंख्यक समुदाय को नियमानुसार नागरिकता देने की तैयार कर रहा है।
आज से कमियां दूर करने का शिविर
भारतीय नागरिकता देने के लिए पूर्व में किए गए आवेदन में कमियां दूर करने के लिए 9 से 11 जनवरी तक सूचना केन्द्र में यह शिविर लगाया जाएगा। इनमें 800 आवेदकों की फाइलों में कमियों को दूर किया जाएगा। इसके बाद इन्हें भी नागरिकता डाक या व्यक्तिश: ही देने की प्रक्रिया चल रही है।
फैक्ट फाइल
- 20 हजार के करीब पाक विस्थापित रहते हैं जोधपुर में।
- 3 हजार से अधिक आवेदन जिला प्रशासन को किए गए थे।
- 217 लोगों को 13 साल बाद नागरिकता दी गई थी 2018 में।
- 450 लोगों को नागरिकता व्यक्तिश: व डाक के द्वारा पहुंचाई है बीते कुछ दिनों में।
- 225 लोगों की नागरिकता तैयार है जिन्हें भी डाक से भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
- 800 आवेदन जिनमें कुछ कमियां हैं उनको पूरा करने के लिए तीन दिन का कैम्प।
इनका कहना है
भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने के समय जो कमियां रह गई थी उनको दूर करने के लिए यह शिविर लगा रहे हैं। इसके अलावा जैसे-जैसे नागरिकता तैयार हो रही है वह डाक के माध्यम से भेज रहे हैं।
- जवाहर चौधरी, अपर जिला कलक्टर शहर प्रथम, जोधपुर