जोधपुर

सफाई अभियान से बदल गई दो तालाबों की सूरत

फेक्ट फाइल- 2 - तालाबों पर चला अभियान 22 - दिन तक चला अभियान 4 - संस्थाओं का रहा सहयोग 10 - स्वयंसेवकों ने की देखरेख 25 - भामाशाहों ने दिया सहयोग 70 - हजार की राशि हुई खर्च पत्रिका न्यूज नेटवर्क फलोदी. प्राचीन जल स्रातों के संरक्षण के प्रति लोग कितने जागरूक है। इसका बेहतरीन उदाहरण है फलोदी। जहां शहर के प्राचीन शिवसर व चिखळिया तालाब के संरक्षण के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं व भामाशाहों के सहयोग से २२ दिन तक चले अभियान ने दोनों तालाबों की सूरत बदल दी है। इससे पूर्व दोनों तालाब चारों ओर से झाडि़यों व गन्दगी से घिरे हुए थे। तालाबों पर चले अभियान से दोनों तालाब का मूल स्वरूप उभरकर सामने आ गया है।
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Feb 02, 2019
shivsar pond
सफाई अभियान से बदल गई दो तालाबों की सूरत

२२ दिन तक चला अभियान-

शिवसर बचाओ संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने शिवसर तालाब व पास स्थित चिखळिया तालाब के संरक्षण के लिए सफाई अभियान चलाने का निर्णय लिया था। जिस पर इन दोनों तालाब पर उगी भारी मात्रा में झाडि़यों व कचरे का हटाने के लिए अभियान शुरू किया गया। जिसमें समस्त महाजन ट्रस्ट, मुंबई द्वारा यहां सफाई अभियान के लिए जेसीबी उपलब्ध करवाई गई तथा शिवसर बचाओ संघर्ष समिति, स्व. जोगराज शर्मा स्मृति फाउण्डेशन, दूसरा दशक व स्थानीय भामाशाओं के सहयोग से तालाब पर अभियान शुरू किया गया। जिसमें दोनों तालाबों के घाट, आगोर में उगी झाडि़यों को काटकर सफाई की गई तथा कचरे को हटाया गया। साथ ही आवश्यक स्थानों पर लेवलिंग का कार्य किया गया। २२ दिन तक चले इस अभियान में करीब २५ भामाशाओं के सहयोग से करीब ७० हजार की राशि एकत्रित करके कार्य करवाए गए। अभियान में सम्पत चाण्डा, रामदयाल थानवी, मुरारीलाल थानवी, रमेश व्यास, एसपी चाण्डा, विजय पालीवाल, रविन्द्र नाहटा आदि कार्यकर्ताओं ने सहयोग किया।

अब होगी चिखळिया तालाब की खुदाई-

बताया गया कि चिखळिया तालाब पर उगी झाडि़यों को हटाने के बाद जगह-जगह बड़े गड्ढे नजर आए। जिस पर अब कार्यकर्ता तालाब की खुदाई करवाकर तालाब को मुख्य स्वरूप में लाने के लिए प्रयास कर रहे है। कार्यकर्ताओं ने बताया कि अब तालाब की खुदाई करवाने की योजना पर विचार किया जा रहा है।(निसं)

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Updated on:
02 Feb 2019 04:15 pm
Published on:
02 Feb 2019 04:15 pm