जोधपुर

सडक़ों पर वर्टिकल गार्डन व पौधरोपण से सुधरेगी सूर्यनगरी की आबोहवा

-केंद्र से मंजूर हुए 62 करोड़ में से पहली किस्त में मिल भी गई आधी राशि -नगर निगम ने आईआईटी व प्रदूषण नियंत्रण मंडल के साथ मिलकर बनाया प्रोजेक्ट  
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Jun 13, 2021
सडक़ों पर वर्टिकल गार्डन व पौधरोपण से सुधरेगी सूर्यनगरी की आबोहवा
सडक़ों पर वर्टिकल गार्डन व पौधरोपण से सुधरेगी सूर्यनगरी की आबोहवा

जोधपुर।
हवा में धूल कणों के कारण वायु प्रदूषण के लिहाज से देश में सबसे खराब हालत में पहुंच चुके जोधपुर की आबोहवा को सुधारने के लिए अब सडक़ किनारे पौधरोपण व दीवारों पर वर्टिकल गार्डन लगाने की कवायद की जाएगी। इसके लिए केंद्र से 62 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। इसमें से आधी राशि के रूप में 31 करोड़ रुपए की राशि नगर निगम को मिल भी गई है। केंद्र से पहली किस्त मिलने के साथ ही निगम ने आइआइटी जोधपुर व प्रदूषण नियंत्रण मंडल के साथ मिलकर प्रोजेक्ट बनाया है। निगम निविदाएं आमंत्रित कर शीघ्र काम शुरू करवाने की तैयारी में है।

प्रोजेक्ट के तहत शहर की प्रमुख सडक़ों की मरम्मत, उनके किनारे व डिवाइडर पर पौधरोपण, सडक़ के दोनों ओर दीवारों पर वर्टिकल गार्डन लगाने के सडक़ों से धूल साफ करने के लिए रोड स्वीपिंग मशीन जैसे उपकरण खरीदे जाएंगे। निगम उत्तर को इसकी नोडल एजेंसी बनाया गया है, लेकिन प्रोजेक्ट निगम दक्षिण व उत्तर दोनों के लिहाज से बनेगा।

क्या है प्रोजेक्ट
14वें वित्त आयोग के तहत हर साल जोधपुर नगर निगम को यह राशि मिलती आई है। पिछले वर्ष 81 करोड़ की राशि मिली थी, लेकिन इस बार केन्द्र सरकार ने 62 करोड़ की राशि सिर्फ प्रदूषण स्तर कम करने के लिए ही उपयोग में लेने के लिए निगम को पाबंद किया है। पहले यह राशि अन्य विकास कार्यों में भी काम में ले ली जाती थी।

यह होगा फायदा

शहर की हवा में मौजूद धूल कण कम करने में यह प्रोजेक्ट कारगर सिद्ध होगा। इसमें प्रमुख सडक़ों को धूल-मुक्त करने के साथ शहर में हरियाली बढ़ाने का काम किया जाएगा। सडक़ें आधुनिक तकनीक से साफ की जा सकेगी। इसके अलावा सडक़ के दोनों ओर हरियाली बढ़ाने के तहत दीवारों पर वर्टिकल गार्डन विकसित किए जाएंगे। किनारों व डिवाइडर पर पौधरोपण होगा।

यह नुकसान भी

पहले 14वे वित्त आयोग में मिलने वाले फंड का उपयोग शहर में अन्य विकास कार्यों में भी हो जाता था, लेकिन इस बार से ऐसा नहीं होगा। इसलिए सीवरेज व अन्य कार्यों के लिए अलग से बजट की जरूरत रहेगी। दोनों निगम की आर्थिक स्थिति पहले से ही खस्ता है, ऐसे में ग्रीन स्पेस के अलावा विकास कार्यों की गति पर ब्रेक लग सकता है।

इन सडक़ों पर होगा काम
- आखलिया से कायलाना

- पावटा से मंडोर

- भदवासिया पुलिया से माता का थान
- एम्स से नहर तिराहे तक

- इन सडक़ों पर फुटपाथ निर्माण, पार्र्किंग व पौधरोपण होगा

यह भी होंगे कार्य
- चार स्थानों पर र्विर्टकल गार्डन बनेंगे, इसमें एक टाउन हॉउन की दीवार होगी

- दो रोड स्वीपर मशीन का वर्कऑर्डर दे दिया है
- एक बड़ी रोड स्वीपर मशीन भी लेंगे

इनका कहना...

इस बार वित्त आयोग से मिली राशि को सिर्फ प्रदूषण नियंत्रण के उपयोग में ही लेना है। पहली किश्त 31 करोड़ का प्रोजेक्ट बन चुका है, दूसरी किश्त का प्रोजेक्ट बन रहा है।
- रोहिताश्व तोमर, आयुक्त, नगर निगम उत्तर जोधपुर

Updated on:
13 Jun 2021 11:43 pm
Published on:
13 Jun 2021 11:43 pm