
जोधपुर. शहर में तेजी से खुल रही नई लाइबे्ररी में सुबह से शाम तक युवाओं की अच्छी खासी भीड़ नजर आ रही है। यह सभी युवा यहां न तो साहित्य, दर्शन या फिर किसी कोर्स बुक की किताबें पढऩे नहीं आते और ना ही इन लाइब्रेरी में बुक्स हैं। जी हां, शहर में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं को पढ़ाई का शांत माहौल और एकाग्रता देने का दावा करने वाली इन नई लाइब्रेरी में किताबें नहीं है, लेकिन वातानुकूलित व साइलेेंट माहौल युवाओं को आकर्षित कर रहा है। आस-पास के विभिन्न गांवों से जोधपुर में कॉम्पिटिशन की तैयारी के लिए आने वाले युवाओं के साथ शहरी यूथ भी इन लाइबे्ररी में बड़ी संख्या में नजर आ रहा है। नौकरी के लिए विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी कर रही गृहणियों को भी यह लाइब्रेरी खासी रास आ रही है।
आर्यनगर निवासी गृहिणी भगवती ने कहा कि कॉम्पिटिशन की तैयारी कर रही गृहणियों के लिए यह लाइब्रेरी पढ़ाई करने के लिहाज से बहुत फायदेमंद है। घर पर तैयारी के दौरान घरेलू काम की टेंशन रहती है तथा कोई मेहमान आने पर चाय-पानी के लिए पढ़ाई बीच में छोडऩी पड़ती है। यहां पर इन सब चिन्ताओं से दूर केवल पढ़ाई पर ही ध्यान केंद्रित रहता है।
पावटा सी रोड स्थित लाइब्रेरी में तैयारी कर रहे तथा कैनरा बैंक क्लर्क पद पर हाल ही में चयनित हुए बिराई बालेसर निवासी चंद्रवीर चारण ने बताया कि यहां पर दूसरे अभ्यर्थियों को तैयारी करते देख प्रतिस्पद्र्धा की भावना विकसित होती है। जिससे कड़ी मेहनत करना आसान हो जाता है। घर पर तैयारी करने के दौरान हमारी तैयारी की किसी अन्य से तुलना नहीं होने के कारण तैयारी के कम या ज्यादा होने का पता नहीं चलता।
अब लाइब्रेरी बिजनेस
इन लाइब्रेरी में उमड़ रहे युवाओं की भीड़ ने शहर को एक नया बिजनेस ट्रेंड भी दे दिया। जिसके चलते इसे अच्छे प्रोफिट वाला बिजनेस मानते हुए कई लोगों ने यह लाइब्रेरी शुरू कर दी है। पावटा, महामंदिर, बीजेएस, मण्डोर, आखलिया सर्किल, बासनी, कुड़ी भगतासनी, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड और शास्त्रीनगर सहित शहर के विभिन्न हिस्सों में बड़ी संख्या में लाइब्रेरी संचालित हो रही है। किसी ने अंडरग्राउंड में तो किसी ने प्रथम तल और ऊपर तक लाइब्रेरी स्थापित की है। पावटा सी रोड पर एक बहुमंजिला इमारत के अंडरग्राउंड में लाइब्रेरी संचालित हो रही है। पहले यह अंडरग्राउंड खाली था। लाइब्रेरी के ट्रेंड ने इसे कमाऊ बना दिया। इस बिजनेस में वनटाइम इन्वेस्टमेंट है। बस आपको एक बार फर्नीचर और एसी का खर्चा करना है। एक-दो कर्मचारी रखने हैं, जो दो-तीन शिफ्ट में लाइब्रेरी संचालित कर सके।
तीन शिफ्ट में संचालन
शहर की इन नई लाईब्रेरी में कॉम्पिटिशन की तैयारी कर रहे युवाओं से 6-6 घंटे की शिफ्ट के अनुसार शुल्क लिया जाता है। ज्यादातर लाइब्रेरी में सुबह 6 से 12 बजे तक पहली शिफ्ट, 12 से शाम 6 बजे तक दूसरी शिफ्ट तथा शाम 6 से रात 12 बजे तक तीसरी शिफ्ट का समय तय किया गया है। अधिकांश युवा अपनी सुविधा अनुसार एक शिफ्ट का चयन करते हैं। कुछेक 2 शिफ्ट का भी शुल्क अदा कर तैयारी कर रहे हैं। किसी लाइब्रेरी में कुछ सीट्स खाली हो तो प्रतियोगी की सुविधा के अनुसार टाइम टेबल एडजस्टमेंट कर दिया जाता है। ज्यादातर लाइब्रेरी में एक शिफ्ट का औसत शुल्क 600 रुपए प्रतिमाह तय है। एप्रोचेबल लोकेशन व सुविधाओं के अनुसार कुछ लाइब्रेरी में 700 रुपए प्रतिमाह चार्ज किया जाता है। दो व तीन शिफ्ट एक साथ लेने पर शुल्क में रियायत भी दी जाती है।
शांत माहौल के कारण एकाग्रता
नोखड़ा निवासी विकास चारण ने बताया कि यहां पिन ड्रॉप साइलेंट होता है। शांत माहौल के कारण एकाग्रता के साथ पढ़ाई कर सकते हैं। बाहर से आकर तैयारी करने वाले परीक्षार्थियों को कमरे में तैयारी के लिए टेबल-कुर्सी आदि खरीदनी पड़ती है। जबकि यहां ये सब सुविधा मिल जाती है।
स्टडी पॉइंट, नाम पड़ गया लाइब्रेरी
पावटा सी रोड स्थित एक लाइब्रेरी के संचालक रवि शेखर कच्छवाहा ने कहा कि सामान्य बोलचाल में लाइब्रेरी नाम चलन में आ गया। वास्तव में यह केवल स्टडी पॉइंट है, जहां पर विभिन्न परीक्षार्थी एक छत के नीचे अध्ययन करते हैं। पहले ट्यूशन का ज्यादा ट्रेंड था, लेकिन अब बढ़ते कॉम्पिटिशन के चलते सेल्फ स्टडी पर ज्यादा फोकस होने के कारण लाइब्रेरी का ट्रेंड चल गया है।
स्कूली विद्यार्थी भी आते हैं
लाइब्रेरी संचालक सौरभ जाजड़ा ने बताया कि लाइब्रेरी में स्टडी के लिए अनुकूल माहौल मिलने के कारण कॉम्पिटिशन की तैयारी कर रहे युवाओं के साथ-साथ अब बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे स्कूली बच्चे भी आने लगे हैं।