जोधपुर

रेत बिछाकर बना रहे डामर की सडक़

बिलाड़ा (जोधपुर). हर्षा देवल से देवली मार्ग पर बन रही ढ़ाई किलोमीटर सडक़ के निर्माण में कार्यकारी एजेेंसी मुरड़ की जगह रेत का उपयोग कर रहा है। अंदाजा लगाया जा सकता है कि य
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Oct 26, 2018
Construction road on soil in Bilara
रेत बिछाकर बना रहे डामर की सडक़

बिलाड़ा (जोधपुर). हर्षा देवल से देवली मार्ग पर बन रही ढ़ाई किलोमीटर सडक़ के निर्माण में कार्यकारी एजेेंसी मुरड़ की जगह रेत का उपयोग कर रहा है। अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह सडक़ कितने दिन चल पाएगी।

आचार संहिता लगने से पूर्व सार्वजनिक निर्माण विभाग ने विधानसभा क्षेत्र में चौबीस करोड़ की राशि ग्रामीण लिंक सडक़ों के निर्माण के लिए जारी की गई। उसी क्रम में बीजवाडिया पंचायत स्थित पौराणिक काल के हर्षादेवल से देवली मार्ग पर ढाई किलोमीटर की दूरी में नई डामरीकरण सडक़ के लिए पचास लाख की राशि स्वीकृत हुई।

निविदाएं आमंत्रित किए जाने के पश्चात जिस कार्यकारी एजेंसी को वर्कऑर्डर दिया गया, उस एजेंसी ने विभागीय मानकों को दरकिनार करते हुए जहां मुरड़ की तह जमा कर उस पर गिट्टी को जमाना था तथा गिट्टी जमा कर उस पर फिर मुरड़ की तह जमा कर रोलर चला कर उस पर डामर बिछाया जाना होता है। लेकिन एजेंसी ने ऐसा नहीं कर के मुरड़ के स्थान पर रेत ही रेत डाल दी है।

कार्यकारी एजेंसी द्वारा सडक़ निर्माण के मानकों की अनदेखी की सूचना पाकर पहुंची सरपंच मंजू देवी ने क्षेत्र के अन्य किसानों ने साथ उक्त कार्य का अवलोकन किया। जमी हुई गिट्टी को वहां कार्यरत श्रमिकों से हटवाया, तो पाया गया कि मात्र दो इंच गिट्टी के नीचे मुरड़ के स्थान पर खेतों की रेत ही बिछी मिली।

श्रमिकों से जानकारी चाहने पर उन्होंने भी बताया कि, ठेकेदार ने पास के ही एक खेत से यह मिट्टी मंगवा कर गिट्टी के नीचे बिछवाई और अब गिट्टी के ऊपर डलवाने के लिए मिट्टी का कह रखा है। इस मिट्टी पर पानी डाल ऊपर रोलर चलाया जाएगा। बाद में डामरयुक्त छोटी गिट्टी बिछा कर सडक़ बना दी जाएगी। सरपंच ने इस गड़बड़ी की लिखित में उपखंड अधिकारी मुकेश चौधरी को शिकायत की है।

दस वर्ष बाद आती है मरम्मत की बारी
सार्वजनिक निर्माण विभाग के नियम अनुसार किसी भी डामर की सडक़ की उम्र 10 वर्ष मानी जाती है और इस अवधि में सडक़ क्षतिग्रस्त हो जाती है तो उस सडक़ की मरम्मत के लिए दस वर्ष पूरे होने के पश्चात ही वित्तीय स्वीकृति मिलती है। ऐसे में अगर बिना मानकों के बनी सडक़े अगर कुछ ही समय पश्चात उधड़ जाए तो मरम्मत के लिए 10 वर्ष पूरे होने का इंतजार करना पड़ता है।

इन्होंने कहा
हर्षा देवल से देवली मार्ग पर बन रही सडक़ की गुणवत्ता को लेकर सरपंच ने लिखित में शिकायत दी है विभागीय जांच के लिए सहायक अभियंता को पाबंद किया गया है।
-मुकेश चौधरी उपखंड अधिकारी बिलाड़ा

Published on:
26 Oct 2018 11:58 pm