जोधपुर

कोरोना के बढ़ रहे मरीज और जोधपुर को चाहिए 350 वेंटिलेटर, हमारे पास टेस्टिंग किट भी सीमित

प्रदेश में जैसे-जैसे कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है। वैसे ही राज्य सरकार व जोधपुर में जिला प्रशासन की चिंता बढ़ रही है। इसकी मुख्य वजह सीमित चिकित्सा संसाधन हैं। वेंटिलेटर से आइसोलेशन वार्ड व टेस्टिंग किट तक की कमी है। हालांकि ये कमी सरकार व दानदाताओं से हमारे लिए पूरी हो रही है।
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corona positive patients are increasing in jodhpur and vantilator less
कोरोना के बढ़ रहे मरीज और जोधपुर को चाहिए 350 वेंटिलेटर, हमारे पास टेस्टिंग किट भी सीमित

अभिषेक बिस्सा/जोधपुर. प्रदेश में जैसे-जैसे कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है। वैसे ही राज्य सरकार व जोधपुर में जिला प्रशासन की चिंता बढ़ रही है। इसकी मुख्य वजह सीमित चिकित्सा संसाधन हैं। वेंटिलेटर से आइसोलेशन वार्ड व टेस्टिंग किट तक की कमी है। हालांकि ये कमी सरकार व दानदाताओं से हमारे लिए पूरी हो रही है। फिलहाल जोधपुर में अभी तक वेंटिलेटर की आवश्यकता नहीं पड़ी है। भविष्य में जरूरत पड़ती है तो हमें संसाधनों की कमी से भी जूझना पड़ सकता है।

इतने वेंटिलेटर की हमें पहली बार जरूरत
जोधपुर में इतने सारे वेंटिलेटर की जरूरत हमें पहली बार पड़ी है। फिलहाल सरकारी में हमारे पास 163 वेंटिलेटर उपलब्ध है। निजी अस्पतालों से कुल 90 वेंटिलेटर अधिकृत किए गए हैं। वहीं जोधपुर में अब तक 47 से ज्यादा कोरोना पॉजिटिव रोगी भर्ती चल रहे हैं।

बैड क्षमता अनुसार 6 सौ वेंटिलेटर चाहिए
जोधपुर में कोरोना वायरस मरीजों के लिए प्रशासन ने एम्स जोधपुर और मथुरादास माथुर अस्पताल को फि लहाल रिजर्व कर रखा है। अन्य अस्पताल आपात स्थिति से निबटने के लिए अलर्ट मोड पर हैं। महात्मा गांधी, उम्मेद, संक्रामक रोग संस्थान, पावटा, मंडोर, चौपासनी,प्रतापनगर और 8 अन्य निजी अस्पतालों को भी कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर रिजर्व कर रखा है। क्योंकि जरूरत पड़ी तो इनकी भी सेवाएं ली जाएगी। इन सभी जगहों पर वर्तमान में बैड क्षमता 5 हजार 9 सौ 95 की हैं।

वर्तमान में हमारे पास चिकित्सा के मानक अनुरूप हमें 600 वेंटिलेटर की दरकार है, लेकिन अभी केवल 253 वेंटिलेटर हमारे पास उपलब्ध है।ऐसे तय होती वेटिलेटर की सुविधाहर अस्पताल में कम से कम से 10 प्रतिशत बैड कुल बैड क्षमता के हिसाब से आईसीयू व वेंटिलेटर के लिए रिजर्व रहते हैं। लेकिन घबराने की बात ये हैं कि प्रशासन के पास अभी पर्याप्त मात्रा में वेंटिलेटर नहीं है। हालांकि अधिकारी अपने हिसाब से अभी भी सुविधाएं पर्याप्त मान रहे हैं।

कोरोना से लडऩे के ये हथियार
पीपीई किट- 1500
वीटीएम किट- करीब 3500
एन-95 मास्क -4000
(लगातार इनका स्टॉक बदल रहा है। इसमें सरकार व दानदाता दोनों का सहयोग चल रहा है।)

ये हैं हमारे सरकारी इंतजाम

अस्पताल-
सरकारी-10
निजी-7 -8

इतने आईसीयू बैड-359
सरकारी में-135
निजी में-224

उपलब्ध वेंटिलेटर
सरकारी- 163
प्राइवेट में-90

आइसोलेशन बैड
सरकारी- 703
निजी-88

Published on:
06 Apr 2020 09:29 am