
जोधपुर. जोधपुर में सैम्पलिंग 52 हजार को पार कर चुकी है। इनमें करीब 2 प्रतिशत की औसत से 1150 से अधिक संक्रमित भी मिल चुके हैं। लेकिन खास बात यह है कि जब जोधपुर में संक्रमितों का ग्राफ बढऩा शुरू हुआ तो जिला प्रशासन व चिकित्सा प्रशासन ने टारगेट डोर स्टेप सैम्पलिंग का रखा। इसी का परिणाम है कि शहर व जिले में करीब 87 प्रतिशत सैम्पल गली-मोहल्लों में जाकर लिए गए।
आंकड़ों में बात
- 87 प्रतिशत सैम्प्ल डोर स्टेप यानि गली-मोहल्लों में जाकर लिए गए।
- 11 प्रतिशत सैम्पलिंग मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में हुई।
- 2 प्रतिशत एम्स अस्पताल में सैम्पल लिए गए।
सैम्पलिंग बढ़ी तो चेन ढूंढने का प्रयास
परकोटा क्षेत्र में संक्रमित क्षेत्र में डोर स्टेप सैम्पलिंग पर ज्यादा फोकस रखा गया। नागौरी गेट, उदयमंदिर, कबूतरों का चौक और प्रतानगर जैसे एपिसेंटर में कई दिनों तक लगातार सैम्पलिंग की गई। इसी का परिणाम है कि मल्टीपल चेन ढूंढने में मदद मिली।
प्रति 10 लाख जनसंख्या पर जांचें भी सबसे ज्यादा
जोधपुर में प्रति 10 लाख की जनसंख्या पर जांचें भी अन्य संक्रतिम देशों की तुलना में सबसे ज्यादा हुई है। जोधपुर में प्रति 10 लाख प्रतिदिन जांच का औसत 696 है। जबकि इसके बाद स्पेन का नम्बर आता है, जिसका औसत 596 है। इटली में 456 व रूस में 449 है।