
जोधपुर ( jodhpur news.current news ) .राजस्थान हाईकोर्ट ( rajasthan high court ) ने सोमवार को पुनर्गठन से प्रभावित पंचायती राज संस्थाओं ( Panchayati Raj Institutions ) में वार्ड पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, प्रधान तथा जिला परिषद सदस्यों ( election commison ) के लिए आरक्षण के लिए लॉटरी ( lottery for reservation ) निकालने की प्रक्रिया याचिका के निस्तारण पर निर्भर करने और आरक्षण को बिना अनुमति प्रभावी नहीं किए जाने के आदेश ( court news ) को यथावत रखा है। साथ ही जिन मामलों में दुबारा लॉटरी को चुनौती दी गई है, राज्य सरकार को वहाँ लॉटरी की जरूरत का परीक्षण कर कोर्ट के समक्ष रखने को कहा है।
न्यायाधीश अरुण भंसाली की एकलपीठ में विजयसिंह एवं अन्य की ओर से दायर याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से कहा गया कि 24 जनवरी का आदेश जारी करने से पहले राज्य सरकार ने आयोग से विचार विमर्श नहीं किया था। दरअसल, 24 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने 15 अप्रेल तक पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव सम्पन्न करवाने के निर्देश दिए थे। इसी दिन राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर 15-16 दिसंबर के बाद जारी अधिसूचनाओं में पुनर्गठित पंचायती राज संस्थाओं के लिए आरक्षण प्रक्रिया शुरू करते हुए लॉटरी निकालने को कहा था। राज्य सरकार के इस आदेश को कोर्ट में चुनौती दी गई थी।